27-Jan-2026
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- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प - संविधान किसी एक दल का नहीं, पूरे देश का साझा दस्तावेज; लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले बर्दाश्त नहीं : अमित चावड़ा अहमदाबाद (ईएमएस)| देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजीव गांधी भवन में ध्वजवंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं गुजरात प्रभारी मुकुल वासनिक की विशेष उपस्थिति में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं नेता मौजूद रहे। गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने ध्वजवंदन कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी और उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। अपने संबोधन में अमित चावड़ा ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाकर स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के महान आदर्शों के साथ एक लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में नई शुरुआत की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान किसी एक पार्टी, विचारधारा या वर्ग का दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश की सभी जातियों, समुदायों, धर्मों, वर्गों, क्षेत्रों और राजनीतिक विचारों को साथ लेकर बना विश्व का सर्वोत्तम लोकतांत्रिक दस्तावेज है। यह संविधान हमें केवल अधिकार ही नहीं देता, बल्कि उन अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और देश के पूर्वजों के बलिदानों के कारण आज हम लोकतंत्र में सांस ले रहे हैं, लेकिन दुख की बात है कि वर्तमान सरकार उसी संविधान को कमजोर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्तमान परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अमित चावड़ा ने कहा कि देश और गुजरात में संविधान द्वारा प्रदत्त मूलभूत अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। युवा बेरोजगारी की दलदल में फंसे हुए हैं और शिक्षित युवाओं के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट रोजगार नीति नहीं है। किसानों को उत्पादन लागत के अनुसार उचित मूल्य नहीं मिल रहा, कृषि संकट में है और महंगाई के कारण आम परिवारों के लिए जीवन यापन कठिन होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाएं आम नागरिकों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। निजीकरण और व्यावसायीकरण के कारण सरकारी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और इलाज केवल सपना बनकर रह गया है। अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में लोकतांत्रिक मूल्यों का लगातार हनन हो रहा है। बोलने की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध के अधिकार को दबाया जा रहा है। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार दिया है, जो केवल वोट देने का नहीं बल्कि समानता, लोकतंत्र और शासन तय करने का सर्वोच्च अधिकार है। आज इस मताधिकार को छीनने के लिए नाम काटने, मतदाताओं को परेशान करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश रची जा रही है, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि संकल्प लेने का दिन है। कांग्रेस पार्टी और उसका हर कार्यकर्ता संविधान की रक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा और आम नागरिकों के अधिकारों के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष करता रहेगा। आने वाले दिनों में कांग्रेस गुजरात के लोगों के अधिकारों की लड़ाई और तेज करेगी तथा लोकतंत्र को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष निशित व्यास, बिमल शाह, पंकज शाह, पंकज पटेल, अशोक पंजाबी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष गीता पटेल, पूर्व सांसद डॉ. अमी याज्ञिक, अहमदाबाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष सोनल पटेल, अहमदाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश गोहिल, विधायक इमरान खेड़ावाला, पूर्व विधायक एवं पूर्व अहमदाबाद मेयर हिम्मतसिंह पटेल, अहमदाबाद नगर निगम में उपनेता निरव बक्षी, मीडिया संयोजक एवं प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी, मीडिया सह-संयोजक एवं प्रवक्ता हेमांग रावल, प्रवक्ता डॉ. अमित नायक सहित बड़ी संख्या में प्रदेश एवं शहर के पदाधिकारी, विभिन्न फ्रंटल संगठनों और सेल के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सेवादल के कार्यकारी अध्यक्ष प्रगति आहिर और किरण प्रजापति ने कार्यकर्ताओं व नेताओं को राष्ट्रध्वज को सलामी दिलाई और संविधान, लोकतंत्र तथा आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया। सतीश/27 जनवरी