पूर्वी सिंहभूम(ईएमएस)।बिष्टुपुर सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी 14 दिनों बाद मंगलवार की तड़के करीब 4 बजे सुरक्षित घर लौट गए। सुरक्षित के घर लौटने पर पिता देवांग गांधी समेत घरवालों ने राहत की सांस की।कैरव गांधी को घर लेकर एसएसपी पीयूष पांडेय और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष खुद लेकर घर पहुंचे घरवालों को कैरव को सुपुर्द करने के बाद सभी वापस लौट गए।पिछले 14 दिनों से मुर्झाये चेहरे पर कैरव की सुरक्षित वापसी से घरवालों पर खुशियां छा गई। घरवालों से मिलने के बाद कैरव गांधी अपने कमरे में सोने चला गया। कैरव की वापस के मामले में एसएसपी पीयूष पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि कैरव गांधी की गत 13 जनवरी को घर के पास से ही बदमाशों ने अपहरण कर लिया था जिसके बाद से एसआईटी की अलग अलग टीम बिहार, ओडिसा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में छापामारी की। इस बीच 26 जनवरी को अपहरणकर्ताओं के एक फोन कॉल का पता चला जिसमें वे कैरव गांधी को अन्यत्र शिफ्ट करने की बात कर रहे थे।जिसके बाद एसआईटी की टीम ज्यादा सक्रिय हो गई। झारखंड के अलग अलग जिला में पुलिस की चेकिंग बढ़ा दी गई। इसी बीच पुलिस की सक्रियता देख और पकड़े जाने के भय से अपराधियों ने सोमवार की रात बरही- चौपारण मार्ग पर कैरव गांधी को कार से उतारने के बाद फरार हो गई। जिसके बाद हम लोगों ने कैरव गांधी को सुरक्षित प्राप्त करने के बाद घरवालों को सौंप दिया। एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि फिलहाल कैरव गांधी से ज्यादा बात नहीं हो सकी है। अपहरणकर्तों की गिरफ्तारी के लिये लगातार प्रयास किया जा रहा है।अपहरणकर्ताओं को चिन्हित कर लिया गया है। जल्द ही वे पुलिस गिरफ्त में होंगे।ज्ञात हो कि गत 13 जनवरी की दोपहर करीब एक बजे बिष्टुपुर सीएच एरिया स्थित घर से निकलने के महज कुछ मिनट बाद युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपहरण कर लिया गया। कैरव गांधी की कार पुलिस व घरवालों ने कांडरबेड़ा में एनएच किनारे सुनसान स्थल से बरामद की थी। कार में चालक की सीट के नीचे ही कार की चाभी रखी गई थी।पुलिस कार जब्त कर थाना में ले गई। कैरव के अपहरण करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने इंडोनेशिया के नंबर से वाट्सअप के जरिये कैरव गांधी के पिता देवांग गांधी को 14 बार और चाचा प्रशांत गांधी को तीन बार कॉल किया था लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।एसएसपी पीयूष पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि कैरव गांधी का अपहरण घर से कुछ दूरी पर ही अपराधियों ने कर लिया था। अपहरण के लिये अपराधियों ने वाहन में पुलिस लिख दिया था ताकि वे पकड़े ना जा सके। इस मामले में जिस कार के नंबर प्लेट को लगाया गया था।उक्त कार मालिक से भी पूछताछ की गई। लेकिन उसकी संलिप्तता अपहरण में नहीं पायी गयी है।अपहरणकर्ताओं के पकड़े जाने के बाद केस का खुलासा हो सकेगा।उन्होंने बताया कि 13 जनवरी को घर से निकलने के बाद रास्ते में अपहरणकर्ताओं ने कैरव को अपने कब्जे में ले लिया।अपहरणकर्ताओं की संख्या चार से पांच थी।जिसके बाद उन्होंने कैरव की कार को कांदरबेड़ा में छोड़कर अपनी कार से कैरव को साथ ले गये।इस दौरान अपहरणकर्ता ने कैरव के आंख पर पट्टी लगा दी थी जिसके कारण कैरव को उनको किस स्थान पर ले जाया गया।इसका पता नहीं चल सका है।एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि कैरव गांधी के अपहरण के मामले में लोकल लिंक का पता लगाया जा रहा है। जिसने कैरव गांधी के संदर्भ में अपहरणकर्ताओं को जानकारी उपलब्ध करायी है।उसके लिये टीम बनाया गया है। फिरौती की रकम की जानकारी नही एसएसपी ने बताया कि कैरव गांधी के अपहरण होने के बाद अपराधियों द्वारा फिरौती के लिये कितनी रकम मांगी गई थी। इसकी जानकारी नहीं है।इधर, 14 दिनों बाद सकुशल घर वापसी के बाद मंगलवार को देवांग गांधी के घर पर परिजन,राजनैतिक दल के नेता, विधायक सरयू राय, चैंबर ऑफ कॉमर्स, एसिया के पदाधिकारी,देवांग गांधी के कंपनी के कर्मचारी समेत अन्य लोगों का आना जाना सुबह से ही शुरु हो गया। इस दौरान कैरव गांधी ने किसी से मुलाकात नहीं की। घरवालों ने बताया कि वापस लौटने के बाद कैरव गांधी कमरे में सो रहा है।सुबह करीब 10 बजे कैरव गांधी अपने पिता देवांग गांधी के साथ घर के बालकोनी में आये।जिसके बाद दोनों पिता-पुत्र ने हाथ जोड़कर सभी को धन्यवाद दिया।एसएसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि कैरव गांधी का अपहरण करने के बाद उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर रखा गया था लेकिन स्थल का पता नहीं चल सका है पुलिस का दबाव पड़ने के बाद उन लोगों ने कैरव का स्थान बदलने की योजना बनायी थी।हालांकि अपहरण के बाद अपराधियों ने कैरव गांधी के साथ कोई गलत व्यवहार नहीं किया। कर्मवीर सिंह/27जनवरी/26