क्षेत्रीय
27-Jan-2026


पश्चिमी सिंहभूम (ईएमएस)।पूर्व मुख्यमंत्री और सरायकेला विधायक चंपई सोरेन मंगलवार को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में पेश हुए। करीब 31 साल पुराने मामले में अदालत ने चंपई सोरेन समेत तीन जीवित आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।यह मामला वर्ष 1993 में झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा बुलाए गए बंद के दौरान हुए विस्फोट से जुड़ा है।अदालत ने चंपई सोरेन, श्याम नंदन टुडू उर्फ डॉक्टर टुडू और अरुण महतो के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4, 5 और 6 के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (साजिश) और 201 (साक्ष्य छिपाना) के तहत आरोप तय किए हैं। सुनवाई के दौरान चंपई सोरेन ने कोर्ट के समक्ष खुद को निर्दोष बताया और मामले में ट्रायल का सामना करने की बात कही।गौरतलब है कि गम्हरिया थाना कांड संख्या 62/1993 एक बेहद पुराना मामला है। मूल प्राथमिकी में कई लोग नामजद थे, लेकिन समय के साथ अधिकांश आरोपितों की मृत्यु हो चुकी है। मृत आरोपितों में देव चरण गोस्वामी, डॉन, सोमय मोदी, जोगेश्वर टुडू, सनातन गोराई और देवपाल गोराई शामिल हैं।अब केवल चंपई सोरेन, श्याम नंदन टुडू और अरुण महतो ही इस केस में ट्रायल का सामना कर रहे हैं।यह पूरा विवाद 18 सितंबर 1993 को जेएमएम द्वारा आहूत झारखंड बंद से शुरू हुआ था। पुलिस के अनुसार, उस दिन बंद समर्थकों ने आंदोलन को उग्र बनाने के उद्देश्य से विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल किया था। इसी घटना को लेकर गम्हरिया थाने में केस दर्ज किया गया था। कर्मवीर सिंह/27जनवरी/26