नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ने वैश्विक पटल पर एक नई हलचल पैदा कर दी है। इस ऐतिहासिक डील पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका ने इसे भारत के लिए अत्यंत फायदेमंद करार दिया है। अमेरिकी प्रतिनिधि ग्रीर ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इस समझौते में भारत का पलड़ा भारी रहा है। उनके अनुसार, इस समझौते के माध्यम से भारत को न केवल यूरोपीय बाजारों में व्यापक पहुंच मिलेगी, बल्कि भारतीय नागरिकों के लिए यूरोप में आव्रजन (इमिग्रेशन) और रोजगार के नए व बड़े अवसर भी पैदा होंगे। मंगलवार को नई दिल्ली में एक संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने इस समझौते के पूरा होने का औपचारिक ऐलान किया। विशेषज्ञों द्वारा मदर ऑफ ऑल डील्स कहे जा रहे इस समझौते पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ का यह सहयोग अस्थिर वैश्विक व्यवस्था में स्थिरता लाने का काम करेगा। उल्लेखनीय है कि यूरोपीय संघ के नेता इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने भारत की विविधता और मेहमाननवाजी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। आर्थिक दृष्टिकोण से यह समझौता दोनों पक्षों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय निर्यातकों को हर साल सीमा शुल्क (ड्यूटी) में लगभग 4 बिलियन यूरो की सीधी बचत होगी। साथ ही, समय के साथ भारत को होने वाले यूरोपीय निर्यात के दोगुने से भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। यह समझौता दोनों क्षेत्रों की व्यावसायिक बिरादरी के लिए निवेश और विकास के असीम द्वार खोलेगा। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, यह व्यापार समझौता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके परिणाम रणनीतिक प्रकृति के हैं। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया कि यह समझौता रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह विजन 2030 पर आधारित एक दूरदर्शी करार है, जो भारतीय पेशेवरों और कर्मचारियों के लिए यूरोप में कानूनी और सुगम रास्ते सुनिश्चित करेगा। रक्षा और आर्थिक संबंधों को केंद्र में रखने वाली यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले दशकों में भारत और यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/28जनवरी2026