* रीन्यूएबल एनर्जी कॉन्क्लेव-2026 में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी का दावा-2003 के 90 मेगावाट से 2026 में 42,500 मेगावाट तक की ऐतिहासिक यात्रा गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात वर्तमान में भारत की ‘रिन्यूएबल एनर्जी कैपिटल’ के रूप में उभरकर सामने आया है। राज्य की अनुकूल भौगोलिक स्थिति, लंबा समुद्री तट और सरकार की प्रोत्साहक नीतियों के चलते गुजरात ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक वैश्विक हब बन चुका है। कच्छ के खावड़ा में आकार ले रहा विश्व का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी हाइब्रिड पार्क इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां सोलर पैनल और विंड टरबाइन दोनों के माध्यम से बिजली उत्पादन किया जाएगा। गुजरात सोलर पावर के उत्पादन और उपयोग में देश में अग्रणी है। राज्य का विस्तृत समुद्री तट पवन ऊर्जा के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसके साथ ही, भविष्य के ईंधन के रूप में पहचाने जा रहे ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन हेतु गुजरात ने ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के माध्यम से मजबूत आधार तैयार किया है। 28 जनवरी 2026 को गांधीनगर स्थित ‘द लीला’ होटल में गुजरात सरकार के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग तथा The Secretariat के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्क्लेव-2026 में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल उपस्थित रहे। कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में गुजरात ने उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहां गुजरात ने मात्र 90 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन से शुरुआत की थी, वहीं 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 42,500 मेगावाट से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि 2002 में जिन लोगों ने इस विज़न का मजाक उड़ाया था, आज वही लोग दुनिया के सामने हास्यास्पद बन गए हैं। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि गुजरात देश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में पहले स्थान पर है और कुल उत्पादन का 64 प्रतिशत योगदान देता है। रूफटॉप सोलर में भी गुजरात 30 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश में अव्वल है, जहां साढ़े सात लाख से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप लगाए जा चुके हैं। इससे होने वाली बिजली बिल की बचत से एक परिवार अपने बच्चे की शिक्षा का खर्च उठा सकता है। उपमुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि गुजरात में किया गया निवेश हमेशा अच्छा रिटर्न देता है। कच्छ में भूकंप के बाद स्थापित उद्योगों की सफलता इसका उदाहरण है। उन्होंने गुजरात को ‘ब्रांडेड स्टेट’ बताते हुए कहा कि यहां निवेश सुरक्षित और लाभदायक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि रिन्यूएबल एनर्जी, केमिकल, फार्मा, कृषि जैसे क्षेत्रों में आने वाले अवसरों का लाभ उठाएं और अपने क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नए विचारों के साथ आने वाले सभी लोगों को पूरा सहयोग देगी और ऐसी कॉन्क्लेव व कॉन्फ्रेंस सरकार और नवाचार के बीच सेतु का कार्य करती हैं। इस अवसर पर ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री के पर्यावरण-संवेदनशील विकास मॉडल के कारण गुजरात को विशिष्ट पहचान मिली है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आयोजनकर्ताओं को बधाई देते हुए आश्वासन दिया कि ऊर्जा विभाग रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं से जुड़े सभी लोगों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करेगा। ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के अपर मुख्य सचिव अश्विनी कुमार ने राज्य की रिन्यूएबल एनर्जी नीति की विशेषताओं और भविष्य के विज़न की जानकारी दी। कार्यक्रम में The Secretariat के चेयरमैन किरण वडोदरिया, देशभर से आए रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र के उद्योगपति, विभागीय अधिकारी और अन्य स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे। सतीश/28 जनवरी