:: जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, लाल मिर्च से लेकर पनीर और घी के नमूने फेल; कलेक्टर की कड़ी चेतावनी :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के पालन में इंदौर जिला प्रशासन ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी नवजीवन विजय पवार ने 13 मिलावटखोरों पर कुल 21 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड अधिरोपित किया है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई इस कार्रवाई से मिलावट करने वाले संस्थानों में हड़कंप मच गया है। जाँच के दौरान लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, घी, पनीर और मिल्क पाउडर जैसे उत्पादों के नमूने अमानक और मिथ्या छाप (मिसब्रैंडेड) पाए गए। :: जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं :: कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। अस्वच्छ वातावरण में खाद्य सामग्री तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों पर भी प्रशासन की पैनी नजर है। :: इन संस्थानों पर लगा भारी जुर्माना :: प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, मेसर्स रिया स्वीट्स एंड लघु उद्योग पर सर्वाधिक 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा मेसर्स सनी इंटरप्राइजेस, मेसर्स अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स और मेसर्स एस एंड एन श्रीफल कन्फेक्शनर्स पर 2.50-2.50 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अन्य प्रभावित संस्थानों में मेसर्स विश्वकर्मा गृह उद्योग (2 लाख), मेसर्स मोहनलाल प्रह्लाद दास एवं मेसर्स गुडलक ट्रेड लिंक (1.50-1.50 लाख) शामिल हैं। साथ ही मेसर्स U & Me, वेजबीट्स रेस्टोरेंट, जय माँ अम्बे दूध भण्डार, श्री राधे स्वीट्स और अग्रवाल स्नेक्स फूड पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रकाश/28 जनवरी 2026