सारंगपुर (ईएमएस)। नगर के मध्य से निकले एबीरोड स्थित कालीसिंध नदी पर बने पुल पर कई वर्षो से रेलिंग नही लगाई गई है और ना ही सुरक्षा के किसी तरह के इंतजाम किए गए है। जिससे यह पुल हमेशा खतरे से भरा रहता है। गड्डो से भरे पुल से गुजरने वाले वाहन गुजरते समय भगवान को याद करते है। सबसे ज्यादा परेशानी उस समय आ जाती है जब कोहरा छाया रहता है और पुल पर दृश्यता दिखाई नही देती है । साथ ही गुजरते वाहन के सामने से कोई वाहन आ जाता है । दरअसल सारंगपुर की कालीसिंध नदी पर 1932 में बना पुल करीब 200 मीटर लंबा है। यह पुल करीब 93 साल पुराना है और इस पर लगातार भारी वाहनों का दबाव बना रहता है। 24 घंटे ट्रैफिक की आवाजाही के चलते पुल पर हादसा होने की संभावना बनी रहती है। अगर हादसे पर गौर करे तो पुल पर 2018 से 2025 तक 10 हादसे हुए है। जिसमें 8 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं गत सितंबर माह मे कालीसिंध नदी के पुल से कार गिर गई थी । इसके अलावा अन्य हादसे भी घटित हो चुके है । रैलिंग विहीन पुल से हादसो का खतरा कालीसिंध नदी के इस पुल पर गत सिहस्थ पर्व के पूर्व पतरो की रेलिंग लगाई गई थी किन्तु गुणवत्ता विहीन होने के कारण लागने के एक सप्ताह के अन्दर ही पुरी रेलिंग नदी मे जा गिरी थी । तब से आज तक इस पुल पर रेलिंग नही लगाई गई है जिससे वाहन चालको के लिए यह पुल हमेशा खतरो से भरा रहता है। सबसे बडी विडबंना यह भी है कि रेलिंग विहीन पुल तो खतरा है ही इसी के साथ इस पुल पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालको को और अधिक खतरा पैदा होने लगा है। कई हादसे हो चुके है पुल पर * जून 2018-ट्रैक्टर नदी में गिरने से चालक की मौत। * सितंबर 2019-अनाज से भरा ट्रक नदी में गिरने से क्लीनर की मौत। * 2020-बस नदी में गिरी थी, यात्री नहीं होने से जनहानि बच गई। * 2020-स्कूली छात्रा साइकिल सहित नदी में गिरने से मौत हो गई। * 2020-21-दो अलग-अलग घटनाओं में पैदल यात्रियों की नदी में गिरने से मौत हुई। * 2021-बाइक सवार नदी में गिरने से मौत * 2023 मे एक अघेड की पुल से गिरने पर मौत * 2025 मे कार गिरी पुल से इन हादसो के अलावा पुल पर कई हादसे भी घटित हो चुके है हाइट गेट नहीं होने से निकलते हैं भारी वाहन कालीसिंध नदी पर बना पुल लगभग 93 साल पुराना है। इतने साल में पुल जर्जर होने लगा है। किन्तु खास बात ये है कि पुल पर ना ही हाइट गेट लगाए है। जिससे रोजाना भारी वाहनों का आना-जाना होता है। नदी के इस पुराने पर कुछ साल पहले तात्कालीन एसडीएम व सीएमओ ने हाइट गेट लगाने का कार्य शुरू किया था, लेकिन राजनैतिक दबाव होने के कारण काम अधूरा रह गया। उसके बाद अब तक पुल पर ना तो रेलिंग लगाई गई है और ना ही हाइट गेट लग पाया। साथ ही देखरेख नहीं होने से पुल के दोनों तरफ झाड़ियां उग आई है। इसके साथ ही पुल पर संकेतक भी नहीं लगाए गए है। जिससे भारी वाहनों का आना-जाना होता है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। सेतु निगम को लिखा जाएगा पुल पर व दोनों ओर सडक पर हो रहे खतरनाक गुड्डो को लेकर सेतु निगम के अधिकारियो को पत्र के माध्यम से अवगत करा रहे है। साथ ही पुल पर रेलिंग लगाने के लिए भी अवगत कराया जाएगा । रोहित बम्होरे, एसडीएम सारंगपुर नरेन्द्र जैन/ 29 जनवरी 26