राज्य
29-Jan-2026
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वाराणसी (ईएमएस) । श्रमण परंपरा के जितने भी संत हुए उसमें संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।उनका जन्म स्थान वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर गांव में हुआ था। 1 फरवरी को उनका 659 व जन्मदिन है उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर के श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, नेपाल, केरल, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर, के उनके भक्त एवं श्रद्धालु उनके जन्मदिन पर इकट्ठा होते हैं,पूजा -पाठ होता है ।एक तरह से कहा जाए की श्री गोवर्धनपुर गांव में 10 दिन के लिए संत शिरोमणि का बेगमपुरा ही बसाया जाता है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले महिला और पुरुष श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए अलग-अलग बड़ी-बड़ी पंडाल बनाए गए हैं। यहां पर पंजाब से आए हुए श्रद्धालुओं द्वारा लगभग 10 लाख लोगों को एक सप्ताह में भोजन कराए जाने की व्यवस्था है। यहां के मंदिर के प्रबंधक रणवीर सिंह बताया कि श्री गुरु रविदास जी के जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंतमान, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बहन मायावती, नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद के अलावा तमाम देश-विदेश की हस्तियां को आमंत्रित किया गया है। यहां पर देखा जाए तो पंजाब के श्रद्धालु अधिकांश देखे जाते हैं और वह ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका, इंग्लैंड तमाम विदेशों में नौकरी करते हैं, लेकिन श्री गुरु रविदास जी के जन्मदिन पर वाराणसी उनके जन्म स्थान पर बने हुए मंदिर में श्रद्धा भावना के साथ पूजा -पाठ करते हैं, लंगर चलाते हैं, सेवा करते हैं। विदेश में रहकर अपना बिजनेस करने वाले, नौकरी करने वाले लगभग एक दर्जन लोग निशुल्क लोगों का जूता पॉलिश करते हैं और टूटे-फूटे बैग की रिपेयरिंग करते हैं। कुछ ऐसे भी श्रद्धालु देखे गए जो 10 दिन से साइकिल चलाकर पंजाब और हरियाणा से आज वाराणसी पहुंचे हैं। एक बड़ा ही सुंदर और विहंगम दृश्य है। भारत सरकार द्वारा 25 करोड़ के लागत से श्री गुरु रविदास जी का एक स्मारक एवं संग्रहालय का भी निर्माण कराया जा रहा है। मेला परिसर में देखा जाए तो दो बड़े-बड़े लंगर हाल बने हुए हैं। एक पुरुषों के लिए और एक महिलाओं के लिए एक-एक बार में बैठकर एक-एक हजार लोगों के भोजन करने की व्यवस्था है। मेला परिसर में कई कण्ट्रोल रूम एवं मेडिकल कैंप भी लगाएं गये हैं। पंजाब के श्रद्धालुओं द्वारा 62 बेड का वातानूलित गेस्ट हाउस बना है जिसका 1 फरवरी को मुख्य महंत निरंजन दास जी उद्घाटन करेंगे। पंजाब से आए हुए लगभग 2500 सेवादार भोजन बनाने, लंगर की सेवा में लगे हुए हैं। मंदिर के प्रमुख महंत निरंजन दास जी के कल आने की संभावना है। वह 24 बोगी वाली बेगमपुरा एक्सप्रेस से जालंधर से सीधे वाराणसी पहुंचेंगे और उनके साथ ढाई हजार भक्त एवं सेवादार भी होंगे। इस कार्यक्रम को लेकर जहां लाखों की भीड़ है, स्थानीय पुलिस प्रशासन काफी चौकन्ना है। भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाई गई है, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी लगाई गई है। किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो खुफिया विभाग पूर्णतया सक्रिय है। गुरु की सेवा में लंगर के लिए स्थानीय डॉक्टर बी आर अंबेडकर जनजागरण एवं उत्थान समिति भी अपना अन्नदान की है। श्री गुरु रविदास जयंती 1 फरवरी को वाराणसी में एक भारी जुलूस एवं झांकी निकली जाती है, जो वाराणसी कचहरी अंबेडकर स्मारक से शहर भ्रमण करते हुए श्री गुरु रविदास जी की जन्मस्थली पहुंचती है।उस झांकी में भारी संख्या में लोग रथ पर श्री गुरु रविदास जी का फोटो -पोस्टर बैनर लगाकर झांकियां निकालते हैं डॉ नरसिंह राम /29जनवरी2026