* तेज सेवा, आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय से गुजरात की ‘112’ सेवा को देशभर में आदर्श मॉडल बनाने का लक्ष्य गांधीनगर (ईएमएस)| राज्य के पुलिस प्रमुख डॉ. के.एल.एन. राव ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अत्याधुनिक ‘112’ इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर का दौरा किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य इमरजेंसी सेवाओं की कार्यप्रणाली को गहराई से समझना और उसे और अधिक तेज व प्रभावी बनाना था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू की गई ‘112’ इमरजेंसी सेवा पुलिस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल, डिजास्टर मैनेजमेंट, चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन के लिए एक ही “सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट” के रूप में सफलतापूर्वक कार्य कर रही है। दौरे के दौरान डॉ. राव ने यह जाना कि इमरजेंसी कॉल कैसे रिसीव किए जाते हैं, उन्हें किस प्रकार श्रेणियों में बांटा जाता है और जीपीएस सिस्टम के माध्यम से नजदीकी वाहन को मौके पर कैसे भेजा जाता है। उन्होंने डेटा एनालिटिक्स के अधिक प्रभावी उपयोग से सहायता पहुंचाने के समय को 10 मिनट से भी कम करने के सुझाव दिए। राज्यभर में पिछले चार महीनों में ‘112’ सेवा के तहत कुल 3,82,728 इमरजेंसी मामलों को अटेंड किया गया है। प्रतिदिन औसतन 12,000 से अधिक कॉल्स पर कार्रवाई की गई है। जनवरी 2026 में औसत रिस्पॉन्स टाइम 11 मिनट 56 सेकंड दर्ज किया गया। समीक्षा के दौरान डॉ. राव ने कहा कि फील्ड में तैनात पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम के बीच सटीक समन्वय ही इस सेवा की सफलता की नींव है। उन्होंने बताया कि तकनीक, मानव संसाधन और पूरी टीम के प्रदर्शन की हर महीने समीक्षा की जाएगी। फील्ड टीमों द्वारा ‘एमडीटी’ एप्लिकेशन के प्रभावी उपयोग और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। डॉ. राव ने कहा कि नागरिकों को संकट के समय त्वरित सहायता मिले, इसी उद्देश्य से गुजरात की ‘112’ सेवा को पूरे देश में एक भरोसेमंद और आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त डीजीपी राजकुमार पांडियन, खुर्शीद अहमद, आईजीपी दीपक मेघाणी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सतीश/29 जनवरी