राज्य
29-Jan-2026
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:: इंदौर में मप्र ज्ञानसभा का भव्य समापन; डॉ. मनमोहन वैद्य और डॉ. अतुल कोठारी ने दिया शिक्षा को भारतीय अवधारणा से जोड़ने का मंत्र :: इन्दौर (ईएमएस)। भारत ने हमेशा ज्ञान के आधार पर दुनिया को जीता है और हमारी शक्ति का वास्तविक आधार यही ज्ञान है। अब समय आ गया है कि शिक्षा के मंदिरों से गुलामी के भाव को बाहर कर भारत के भाव पर गर्व करने वाली पीढ़ी तैयार की जाए। यह विचार प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय मध्यप्रदेश ज्ञानसभा के समापन सत्र में व्यक्त किए। सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. मनमोहन वैद्य ने कहा कि भारत केवल एक नेशन नहीं, बल्कि एक समाज राष्ट्र है, जो इतिहास में राजाओं के पराजित होने के बाद भी स्वयं अपराजित रहा है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे भारत की वास्तविक आभा को प्रतिस्थापित और प्रतिष्ठित करने की जिम्मेदारी निभाएं। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने रेखांकित किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल सरकार की नीति नहीं, बल्कि लाखों सुझावों के आधार पर तैयार राष्ट्र केंद्रित अभियान है। उन्होंने इसे मनुष्य के मानस को बदलने वाला आंदोलन बताया। मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के निदेशक अशोक कड़ेल ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश ने एनईपी-2020 को सबसे पहले लागू किया है। स्नातक स्तर पर 21 विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा समाहित की जा चुकी है और 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में इसके प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। :: महापौर पुष्यमित्र भार्गव का सम्मान :: विशेष गरिमामयी उपस्थिति के बीच, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव को प्रशासनिक कार्यों और बोलचाल में इंडिया के स्थान पर भारत शब्द का गौरवपूर्ण प्रयोग करने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त संचालक डॉ. रमेश दीक्षित, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के डॉ. दीपेंद्र सिंह, और 15 विश्वविद्यालयों के कुलगुरु विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिनेश दवे ने किया और आभार प्रो. योगेश चंद्र गोस्वामी ने माना। प्रकाश/29 जनवरी 2026