लेख
30-Jan-2026
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कहते हैं कि पिछली घटनाओं से सबक सीखा जाए तो आने वाले भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है प्रतिवर्ष बर्फवारी के मौसम में जनजातीय क्षेत्रों में लोगो को अलर्ट किया जाता है कि बर्फवारी में उंचे क्षेत्रों में न जाएं लंेकिन प्रशासन की चेतावनी के बाद भी लोग लापरवाही व मनमानी करते हैं और असमय ही मौत के आगोश में समाते जा रहे हैं। बर्फवारी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। लापरवाहियों के कारण ही ऐसे हादसे बढ़ते ही जा रहे हैं। मौसम विभाग ने 21 जनवरी की रात को चंबा और भरमौर में भारी हिमपात की चेतावनी दी थी। हिमपात में दो घरों के चिराग बूझ गए। यह हादसा इतने जख्म दे गया कि जख्म तो भर जाएंगें निशान अमिट रहेगें। खुशी खुशी घूमने निकले युवाओं ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी ऐसी दर्दनाक मौत होगी। भरमाणी धार हादसे में दो ममेरे भाईयों की मौत से हर हिमाचली सदमे में है। काश लापरवाही न बरती होती जो आज दोनों युवा जिंदा होते। 26 जनवरी को दोनो युवकों के शव बरामद हो गए। उनके साथ उनका पालतू कुता भी था जो उनके पास ही चार दिन तक बैठा रहा। पीयूष अभी तेरह साल का था और विकसित राणा उन्नीस साल का था। युवाओं की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। समय समय पर ऐसे दर्दनाक हादसे होते रहते हैं लेकिन लोग सबक नहीं सीखते नतीजन बेमौत मारे जा रहे हैं। यह कोई पहला हादसा नहीं है इससे पहले भी ऐसी घटनांए हो चुकी हैं। कुल्लु व मनाली,मनीकर्ण ,शिकारी देवी व कमरुनाग में भी पहले ऐसे हादसे हो चुके है। जहां पर्यटक जंगलों में फंस गए थे। गत वर्ष शिकारी देवी में भी कुछ लोग रास्ता भटक गए थे लेकिन प्रशासन ने एकदम सर्च आपरेशन करके सब को सुरक्षित बचा लिया था। कमरुनाग में भी लोग रास्ता भटक गए थे उन्हे भी प्रशासन ने सुरक्षित निकाल दिया था। भरमौर व पांगी में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही हुई है इस तबाही में दो मालवाहक वाहन लापता हो गए हैं और तीन दुकाने क्षतिग्रस्त हो गई। यह घटना रात के समय हुई जिससे कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ। बर्फबारी से चार राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 889 सड़कें बंद हैं और 3237 ट्रांसफारर्मर बंद हैं। बाहर से आए पर्यटकों के बाहन फंस रहे हंै पुलिस की सहायता से बाहनों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। मौसम विभाग ने 30 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उतर पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है। 29 जनवरी को मोसम शुष्क रहेगा। पर्यटकों को इस घटना से सबक लेना चाहिए और बर्फवारी में घूमने नहीं जाना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि बर्फवारी में जाने से लोगों को रोका जाए ताकि ऐसे हादसों पर रोक ले सके और भविष्य में दर्दनाक हादसों की पुनरावृति न हो सके वक्त अभी संभलने का है अगर अब भी सबक नहीं सीखा तो ऐसे हादसे होते रहेगें। ईएमएस / 30 जनवरी 26