जांजगीर(ईएमएस)। शिवरीनारायण–बिर्रा मुख्य मार्ग पर खुले में डस्ट (राख) डंप किए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि उड़ती डस्ट से गांव के लोगों, खासकर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि हवा के साथ उड़कर राख पास के तालाब में जमा हो रही है, जिससे निस्तारी का पानी प्रदूषित हो गया है। इसी समस्या को लेकर सुबह करीब 9 बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और नारे लिखी तख्तियों व पोस्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों सहित आम नागरिकों का आवागमन पूरी तरह ठप रहा, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने मांग की कि डस्ट डंप करने वाले भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए और बाढ़ग्रस्त व वॉटर रिचार्ज क्षेत्र में डंप की गई राख को हटाकर संबंधित कंपनी परिसर में सुरक्षित रूप से रखा जाए। साथ ही स्कूल के प्लेग्राउंड को पूर्व स्थिति में बहाल करने, स्कूल की सीमा दीवार सहित क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण कराने की मांग की गई। इसके अलावा ग्रामीण विकास योजना के तहत बने तालाब, सड़क और फूलों के पौधों को हुई क्षति की मरम्मत कराने तथा मुख्य सड़क से गांव को जोड़ने वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही से हुए नुकसान की शीघ्र मरम्मत की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि खेल मैदान, चारागाह और प्राकृतिक नाला क्षेत्र में डंप की गई डस्ट को हटाकर इन स्थानों को पहले जैसी स्थिति में बहाल किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।