क्षेत्रीय
30-Jan-2026
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- सहायिका/कार्यकर्ता रहते हैं नदारद - विभागीय संरक्षण के लगे संगीन आरोप कोरबा (ईएमएस) कोरबा के लेमरू ग्राम पंचायत के कांटाद्वारी क्रमांक-2 स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति शासन की योजनाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। आरोप लगाते हुए बताया जा रहा हैं की ग्राम के नन्हे बच्चों को न तो नियमित शिक्षा मिल रही है और न ही तय पोषण आहार मिल पा रहा हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही खोला जाता है, वह भी केवल औपचारिकता निभाने के लिए खोला जाता हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार केंद्र की सहायिका और कार्यकर्ता अधिकांश समय अनुपस्थित रहती हैं। जबकि बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर में नियमित दर्ज की जाती है। एक सप्ताह पहले ग्रामीणों की शिकायत पर परियोजना अधिकारी जांच के लिए केंद्र पहुंची थीं। उस समय भी केंद्र खुला था, लेकिन सहायिका और कार्यकर्ता नदारद थीं। इसके बावजूद कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे मामला दबाने और विभागीय संरक्षण के संगीन आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप लगाते हुए यह भी कहना है कि जब भी जिला स्तर से निरीक्षण होना होता है, तो इसकी सूचना पहले ही सुपरवाइजर के माध्यम से दे दी जाती है। नतीजतन कागजों में आंगनबाड़ी नियमित संचालित दिखाई जाती है, जबकि जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। वास्तविक रूप से केंद्र सप्ताह में दो दिन ही संचालित हो रहा है। ग्राम में चर्चा है कि सहायिका सिंगर कपड़े की दुकान और कार्यकर्ता लेमरू में किराना दुकान के संचालन में अधिक समय देती हैं। निजी व्यवसायों की प्राथमिकता के चलते आंगनबाड़ी के मासूम बच्चों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है। 30 जनवरी / मित्तल