क्षेत्रीय
30-Jan-2026
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- प्रशासन का सख्त आदेश रायपुर(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना के तहत भोजन बनाने वाली रसोइयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से योजना के संचालन पर संकट गहराता जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यदि रसोइयों की अनुपस्थिति के कारण भोजन नहीं बनता है, तो भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना संचालनकर्ता समूहों की जिम्मेदारी होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हड़ताल के कारण यदि मध्याह्न भोजन योजना बाधित होती है, तो इसके लिए रसोईयों के साथ-साथ संचालनकर्ता समूह भी जिम्मेदार माने जाएंगे। आदेश के अनुसार, ऐसी स्थिति में संचालनकर्ता समूहों पर हटाने की कार्रवाई, कुर्की लागत (कास्ट) में कटौती और मानदेय में कटौती जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेजा गया है। वहीं, रसोइया संघ ने इस आदेश को तानाशाही फरमान करार दिया है। संघ का आरोप है कि यह आदेश हड़ताल समाप्त कराने के लिए दबाव बनाने और आंदोलन को कुचलने की साजिश है। रसोइया संघ का कहना है कि एक ओर शिक्षा मंत्री उनकी मांगों को जायज बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी इस तरह के आदेश जारी कर विरोधाभासी रवैया अपना रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 86 हजार रसोईया पिछले 30 दिनों से अधिक समय से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। ऐसे में सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना ठप होने के कगार पर पहुंच गई है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ सकता है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)30 जनवरी 2026