राष्ट्रीय
30-Jan-2026
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अयोध्या,(ईएमएस)। श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मार्च माह में अयोध्या का दौरा कर भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा कर सकती हैं। हालांकि इस दौरे को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्रपति ने अनौपचारिक रूप से अयोध्या आने की सहमति दे दी है। नृपेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर उन्हें अयोध्या आने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। उन्होंने कहा, ट्रस्ट के सदस्यों ने राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए आमंत्रित किया है। हमें उम्मीद है कि वह अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर मार्च में कोई तिथि निर्धारित करेंगी। अभी हमें कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन अनौपचारिक रूप से जानकारी मिली है कि उन्होंने इसके लिए सहमति जताई है। इस अवसर पर नृपेंद्र मिश्रा ने श्रीराम मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा ट्रस्ट को रामायण से जुड़ी एक दुर्लभ और लगभग 400 वर्ष पुरानी पांडुलिपि उपहार स्वरूप प्रदान की गई है। इस पांडुलिपि में महर्षि वाल्मीकि से संबंधित विवरण प्राचीन संस्कृत लिपि में अंकित हैं। यह पांडुलिपि पहले राष्ट्रपति भवन संग्रहालय को सौंपी गई थी, लेकिन जब विश्वविद्यालय को जानकारी मिली कि अयोध्या मंदिर की दूसरी मंजिल पर रामायण साहित्य के लिए एक विशेष स्थान बनाया जा रहा है, तो ट्रस्ट के अनुरोध पर इसे स्थायी रूप से अयोध्या के लिए दान कर दिया गया। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट की योजना मंदिर परिसर में विभिन्न भारतीय भाषाओं में उपलब्ध प्राचीन रामायण ग्रंथों और वाल्मीकि कृतियों के अनुवादों को सुरक्षित रखने की है, ताकि यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में भी विकसित हो सके। हिदायत/ईएमएस 30जनवरी26