- आरोपी बैक खाते खुलवाकर सायबर धोखाधडी के लिये बेचते थे - इन खातो से देश के कई राज्यो मे की गई है धोखाधडी भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल की सायबर क्राईम टीम ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपए की चपत लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को मंदसौर जिले के भावगढ़ से गिरफ्तार किया है। पकड़े गये आरोपी अपने नाम से बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगो को बेचते थे, उनके एकाउंट का उपयोग देश के कई राज्यो में की गई ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए किया गया था। जानकारी के अनुसार मिसरौद निवासी सुनील वर्मा (परिवर्तित नाम) निवासी मिसरौद ने बीती 4 अगस्त 2024 को साइबर क्राइम में शिकायत करते हुए बताया था की एक फर्जी स्टॉक एप्लीकेशन के माध्यम से उन्हें शेयर मार्केट में पैसा इंवेस्ट करने पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया गया। जाल में फंसे फरियादी ने कुल 9,91,900 रुपए सायबर जालसाजो द्वारा बताये गये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने शिकायत की। शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम टीम ने ठगो के मोबाइल नंबरो, बैंक खातों की जांच की। जॉच के दौरान आरोपियो के मंदसौर जिले में होने होने के सुराग हाथ लगे, जिसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम भावगढ़ में दबिश देकर दो आरोपियों को धर दबोचा। - मजदूर और छात्र है आरोपी मोबाइल फोन सिम जप्त पकड़े गये आरोपियो में शामिल गुलशेर खान पिता शेरु खान (27) निवासी ग्राम भावगढ, जिला मंदसौर 8 वी पास है, और मेहनत मजदूरी का काम करता है, उसके खिलाफ थाना भावगढ मे एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज है, वहीं दूसरा आरोपी रजनीश पिता भैरुलाल बारेठ (19) निवासी ग्राम भावगढ, जिला 12वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल 2 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा बेचे गए खातों से देश के अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी की गई है। - होशियार रहे सायबर ठग ऐसे फंसाते है जाल में आमजन को जागरुक करने और सायबर ठगो का शिकार बनने से बचने के लिये सायबर क्राइम द्वारा आवश्यक बातें बताई गई है। वर्तमान में सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे, इंस्टाग्राम, फेसबुक, टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा प्रतिदिन हजारों रूपये कमाने का लालच दिया जा रहा है, जिसमें पहले आपको फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्बूय चैनल को लाईक एवं सब्सक्राईब करने अथवा फेसबुक या इंस्टाग्राम पेज को फॉलों एवं लाईक करने के टास्क दिया जाता है। अथवा इसी प्रकार का अन्य टास्क दिये जाते है, जिसके बाद रूपये विड्राल करने हेतु आपके बैंक खाता की जानकारी प्राप्त कर ली जाती है, और 50-100 रूपये आपके बैंक खाता में क्रेडिट कर दिये जाते है। इसके बाद आपको और अधिक रूपये कमाने का लालच देकर बड़े-बड़े एमाउण्ट के टास्क दिये जाते है, जिसके बाद आपका बैंलेंस बेवसाईट पर दिखाई देता है और आपसे अन्य टास्क कम्पलीट करने हेतु बताया जाता है। उक्त प्रकार के टास्क के झांसे में न आये। वहीं गिरोह के आरोपी जरूरतमंद लोगों के विभिन्न प्रकार के लालच जैसे कि नौकरी लगवाना या कारोबार करने के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर आगे अन्य ठगो को जो बैंक खातों में लोगों के साथ हो रहे फ्रॉड की रकम लेने के लिए उपयोग करते है, उन्हें उपलब्ध करवाते है। - इनसे बचकर रहे ऑनलाइन वेबसाइट या ऐप पर दिखने वाला आपका प्रॉफिट केवल एक डिजिटल भ्रम होता है। उसे निकालने के लिए आपसे टैक्स या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं। बैंक या केवाईसी के नाम पर आने वाले कॉल पर कभी भी अपना ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या पिन न बताएं साथ ही बैंक खाता, एटीएम, क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर न करें। याद रखें बैंक कभी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगता। अपने मोबाइल में बिना जरूरत ऐनीडेस्क् या टीमव्यूवर जैसे ऐप्स न रखें। इनके जरिए ठग आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं। व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल को रिसीव न करें और न ही तुरंत अपना चेहरा दिखाएं, क्योंकि इससे सेक्स्टॉर्शन (ब्लैकमेलिंग) का खतरा रहता है। ऑनलाइन शॉपिंग के लिए भरोसेमंद वेबसाइट्स ही इस्तेमाल करें। कम बैलेंस वाले बैंक अकाउंट से ही ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करें। लॉटरी, गिफ्ट, स्कीम्स वाले लिंक या कॉल्स से दूर रहें। पासवर्ड को नियमित अंतराल पर बदलें और मजबूत रखें। जुनेद / 30 जनवरी