१५ साल बीईओ रहने के बाद अब पद से हटे तो करने लगे शिक्षकों की शिकायत छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। इन दिनों हर्रई विकासखंड में शिक्षा महकमें में जमकर घमासान मचा हुआ है। पिछले दिनों हर्रई के ३०० से अधिक शिक्षकों ने मोर्चा खोलते हुए बीईओ प्रकाश कालंबे को हटाने के लिए आंदोलन किया था। शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हर्रई में जमकर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार चल रहा है। जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला आने के बाद इसकी जांच के आदेश जारी किए गए थे। तीन सदस्यीय जांच टीम ने १८ पन्नों और ४०० शिक्षकों की लिखित शिकायत के आधार पर बीईओ प्रकाश कालंबे को हटा कर दूसरे विकासखंड में अटैच किए जाने की अनुशंसा की थी। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर बीईओ प्रकाश कालंबे को पद से हटा दिया गया, इसके बाद उन्हें सांदीपनि विद्यालय और शासकीय कन्या स्कूल का प्रभारी प्राचार्य बनाया गया है। सूत्रों की माने तो अब पूर्व बीईओ और प्रभारी प्राचार्य कालंबे को अपने ही विभाग के मुखिया यानि सहायक आयुक्त सतेंद्र सिंह मरकाम पर भरोसा नहीं रहा है। जिसके चलते शिक्षकों की अनियमितता संबंधी शिकायत वे सीधे सीएम हेल्प लाइन में करने लगे है। क्या है मामला २३ जनवरी को हर्रई के पूर्व बीईओ प्रकाश कालंबे ने सीएम हेल्प लाइन में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बिछुआ संकुल बारगी में शिक्षक विश्वनाथ पांडे ने अपनी पत्नी को अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल में नियुक्त किया हुआ है, उन्होंने अतिथि शिक्षक की नियुक्ति और वेतन संबंधी जांच की मांग की है। वहीं इस मामले में एक पहलु यह भी है कि शिक्षक विश्वनाथ पांडे की पत्नी पिछले चार सालों से अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रही है। इनका वेरिफिकेशन और वेतन आहरण संबंधी सभी कार्य पिछले चार सालों से तत्कालीन बीईओ और वर्तमान शिकायतकर्ता द्वारा ही निकाला गया था। ईएमएस / 30/01/2026