क्षेत्रीय
31-Jan-2026
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- 6 महीने से नंबर का ही इंतजार - एसईसीएल गेवरा क्षेत्र के सीएसआर मद से मेडिकल कॉलेज को दी गयी हैं बसें - वाहन चालक, सहचालक की हुई नियुक्त कोरबा (ईएमएस) जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज के छात्रों के आवाजाही के लिए एसईसीएल गेवरा क्षेत्र की ओर से छह महीने पहले दी गई तीन नई बसें शासकीय रजिस्ट्रेशन नंबर के इंतजार में अब तक सड़क पर नहीं उतरी हैं। यहां व्यवस्था किराए की बस के भरोसे चल रही है। कोरबा मेडिकल कॉलेज का खुद का कैंपस बन रहा है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज का संचालन आईटी कॉलेज परिसर के बिल्डिंग से हो रहा है। चिकित्सालय के संचालन के लिए जिला अस्पताल को संबद्ध किया गया है। आईटी कॉलेज परिसर में स्थित गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल का संचालन भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से छात्रों के लिए किया जा रहा है। कॉलेज में चार सत्र का संचालन होने और हॉस्टल की क्षमता कम होने से परिसर से दूर भी हॉस्टल संचालित किया जा रहा है। इसमें एक सुभाष चौक के पास वर्किंग वुमेन हॉस्टल व गवर्नमेंट कॉलेज मैदान हॉस्टल है, जहां छात्राओं को ठहराया है। छात्राओं को कॉलेज से हॉस्टल तक आवाजाही के साथ ही सीनियर छात्रों को क्लीनिकल ट्रायल के लिए कॉलेज परिसर के हॉस्टल से अस्पताल तक लाना और ले जाना पड़ता है। इसके लिए अब तक किराए की बस का उपयोग किया जा रहा है। इसे देखते हुए एसईसीएल गेवरा क्षेत्र ने सीएसआर मद से तीन नई बसें दी हैं। छह महीने बाद भी बसों को सरकारी रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिला है। * निजी बस परिचालन से बढ़ रहा किराए का भार वर्तमान में आईटी कॉलेज परिसर में संचालित मेडिकल कॉलेज से सीनियर बैच के 125 छात्रों को क्लीनिकल ट्रायल के लिए चिकित्सालय पहुंचाया जाता है। वहीं प्रथम व द्वितीय सत्र के छात्राओं को बाहर के हॉस्टल से कॉलेज पहुंचाया जाता है। बाद में सभी छात्रों को वापस छोड़ा जाता है। किराए में चल रही बस कई फेरा लगाती है। इस चक्कर में कॉलेज प्रबंधन पर किराए का भार पड़ रहा है। * नई बसों के संचालन से छात्रों को मिलेगी राहत नई बसों का संचालन शुरू होने से छात्रों को राहत मिलेगी। छात्र पढ़ाई व क्लीनिकल ट्रायल के लिए समय पर पहुंच सकेंगे। इंतजार के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं प्रबंधन को किराया भी नहीं देना पड़ेगा। एजुकेशनल टूर में भी सभी छात्र अलग-अलग बस में सवार होकर एक साथ एक जगह पहुंच सकेंगे। * शासकीय नंबर के साथ-साथ रियायत भी एसईसीएल से मिली तीनों बसों के लिए वाहन चालक, सहचालक की नियुक्ति हो गई है। वे हर दिन कॉलेज भी पहुंचते हैं। शासकीय रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगने पर बसों को शासकीय वाहन की तरह फिटनेस, इंश्योरेंस सहित अन्य कामों में रियायत मिलेगी। इसलिए जिले का रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं लिया गया है। * प्रक्रिया पूर्णता की ओर, जल्द चलेगी बसें: डॉ. गोपाल कंवर मेडिकल कॉलेज के संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर के अनुसार एसईसीएल गेवरा क्षेत्र से मिली तीन नई बसों के संबंध में परिवहन विभाग से संबंधित प्रक्रिया पूर्णता की ओर है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से ड्राइवर व अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर ली गई है। बसें जल्द ही चलेंगी। 31 जनवरी / मित्तल