राष्ट्रीय
31-Jan-2026
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पटना,(ईएमएस)। बिहार के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसकी संदिग्ध मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का निर्णय लिया है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस जानकारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से कांड संख्या- 14/26 की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है, ताकि घटना की पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से जांच सुनिश्चित की जा सके। वहीं परिजनों का आरोप है कि उन्हें मामले को दबाने और इसे आत्महत्या स्वीकार करने के लिए कहा गया। परिजनों ने यहां तक कह दिया कि उन्हें स्थानीय पुलिस से न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची है। शुक्रवार को पीड़िता की मां की मुलाकात राज्य के डीजीपी विनय कुमार से हुई थी, जिसके बाद वे काफी आक्रोशित नजर आईं। सीबीआई जांच का निर्णय बिहार पुलिस द्वारा 17 दिनों की सघन जांच के बावजूद किसी ठोस नतीजे पर न पहुंच पाने के बाद लिया गया है। इस दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली और विशेष जांच दल (एसआईटी) की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे थे। मृत छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर जांच की दिशा भटकाने का आरोप लगाते हुए असंतोष व्यक्त किया था। शुक्रवार शाम को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डीजीपी और मुख्य सचिव को तलब कर जांच की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों को पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश देने के बाद, सरकार ने मामले की गंभीरता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए सीबीआई जांच का निर्णय लिया। अब सीबीआई नए सिरे से मामला दर्ज कर इस कांड की गुत्थी सुलझाएगी। मामले में नया मोड़ तब आया जब विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में मृत छात्रा के कपड़ों से पुरुष स्पर्म के अवशेष मिलने की पुष्टि हुई। इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की संभावना से इनकार नहीं किया गया था और छात्रा के शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए थे। इन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी को कमजोर कर दिया, जिसके बाद एसआईटी ने डीएनए टेस्ट के लिए परिजनों समेत 30 से अधिक लोगों के रक्त के नमूने लिए। वीरेंद्र/ईएमएस/31जनवरी2026