राष्ट्रीय
31-Jan-2026
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-अनिल अंबानी ग्रुप की बढ़ सकती हैं कारोबारी मुश्किलें नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के पूर्व डायरेक्टर और प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को करीब 40 हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी ने शुक्रवार को जानकारी दी कि दिल्ली की एक विशेष अदालत ने गर्ग को 9 दिनों की ईडी कस्टडी में भेज दिया है। पुनीत गर्ग को गुरुवार को हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। ईडी के अनुसार, पुनीत गर्ग अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के जरिए बैंकों से लिए गए भारी-भरकम कर्ज की हेराफेरी और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क में अहम भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि गर्ग को इस बात की पूरी जानकारी थी कि लोन की रकम कहां और किस तरीके से डायवर्ट की जा रही है। 24 साल तक आरकॉम में अहम भूमिका पुनीत गर्ग लंबे समय तक रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े रहे। ईडी के मुताबिक, वह वर्ष 2001 से 2025 तक कंपनी में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने डायरेक्टर और प्रेसिडेंट जैसे वरिष्ठ पद संभाले। एजेंसी का आरोप है कि इसी अवधि में बैंक फ्रॉड से जुड़े पैसों को छिपाने, इधर-उधर करने और कई स्तरों में घुमाने (लेयरिंग) की प्रक्रिया में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। विदेशी कंपनियों के जरिए फंड डायवर्जन का आरोप ईडी ने अपनी जांच में दावा किया है कि आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने बैंकों से लिए गए हजारों करोड़ रुपये के लोन का इस्तेमाल तय उद्देश्य के लिए नहीं किया। इसके बजाय इस रकम को कई विदेशी सब्सिडियरी कंपनियों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से डायवर्ट किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, पुनीत गर्ग इस पूरी योजना से अवगत थे और अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाने में उन्होंने कंपनी प्रबंधन की मदद की। पत्नी के नाम की संपत्तियां भी जब्त गौरतलब है कि पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी से दो दिन पहले ईडी ने एक और अहम कार्रवाई करते हुए उनकी पत्नी के नाम पर खरीदे गए शेयर और म्यूचुअल फंड्स को अटैच कर लिया था। ईडी का मानना है कि ये निवेश उसी कथित धोखाधड़ी की रकम से किए गए थे, जो बैंकों से अवैध तरीके से हासिल की गई थी। इस कार्रवाई के बाद से ही गर्ग की गिरफ्तारी के कयास लगाए जा रहे थे। अनिल अंबानी ग्रुप की बढ़ीं मुश्किलें पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी के बाद अनिल अंबानी ग्रुप की कानूनी और कारोबारी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस मामले में रिलायंस ग्रुप की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। आरकॉम पहले ही भारी कर्ज और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। अब कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी की गिरफ्तारी से ग्रुप की साख पर और नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। हिदायत/ईएमएस 31जनवरी26