01-Feb-2026
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- डेब्यू और आखिरी टेस्ट में शतक लगाने वाले इकलौते भारतीय बल्लेबाज नई दिल्ली (ईएमएस)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू मैच में शतक जमाना किसी भी बल्लेबाज के लिए गर्व और यादगार उपलब्धि होती है। अगर यह शतक टेस्ट क्रिकेट में हो, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ, गुंडप्पा विश्वनाथ, सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे दिग्गजों ने टेस्ट करियर की शुरुआत शतक से की है। लेकिन अपने आखिरी टेस्ट मैच में शतक लगाकर इस यात्रा को शानदार अंत देने का कमाल सिर्फ तीन भारतीय कर पाए हैं। इन सबके बीच ऐसा अनोखा रिकॉर्ड सिर्फ एक भारतीय बल्लेबाज के नाम है, जिसने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत और अंत दोनों शतक के साथ किए और वह नाम है मोहम्मद अजहरुद्दीन। भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने टेस्ट डेब्यू 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। इस मैच की पहली ही पारी में उन्होंने 110 रन ठोककर अपने आगमन की जोरदार घोषणा की थी। इसके बाद अजहरुद्दीन लगातार दो और टेस्ट मैचों में भी शतक जमाने में सफल रहे। डेब्यू के बाद लगातार तीन टेस्ट मैचों में सेंचुरी लगाने का यह विश्व रिकॉर्ड आज भी उनके नाम दर्ज है और दुनिया का कोई भी बल्लेबाज इस उपलब्धि की बराबरी नहीं कर सका है। अजहरुद्दीन ने 2 मार्च 2000 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला। टीम इंडिया की दूसरी पारी में उन्होंने 102 रन बनाकर अपने टेस्ट करियर को शानदार अंदाज़ में अलविदा कहा। भारत के लिए आखिरी टेस्ट में शतक लगाने वाले अन्य दो बल्लेबाज विजय मांजरेकर और विजय मर्चेंट रहे हैं। मांजरेकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 102 रन बनाए थे, जबकि विजय मर्चेंट ने इंग्लैंड के खिलाफ 154 रनों की यादगार पारी खेली थी। अजहरुद्दीन के अलावा दुनिया में केवल चार और क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपने टेस्ट करियर के पहले और आखिरी मैच में शतक लगाए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल, रेजिनाल्ड डफ, विलियम पोंसफोर्ड और इंग्लैंड के महान बल्लेबाज एलिस्टर कुक शामिल हैं। अजहरुद्दीन का यह अनोखा रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा खास स्थान रखेगा। डेब्यू और विदाई दोनों को शतक से सजाने की उनकी क्षमता उन्हें क्रिकेट की दुनिया में अलग पहचान देती है। डेविड/ईएमएस 01 फरवरी 2026