नई दिल्ली (ईएमएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में स्थित पात्र विनिर्माण इकाइयों को घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में रियायती शुल्क दरों पर बिक्री की अनुमति देने का विशेष एकमुश्त उपाय प्रस्तावित किया। यह कदम उद्योग जगत की लंबी मांग के अनुरूप है, क्योंकि अमेरिका सहित कुछ देशों में उच्च शुल्क के कारण एसईजेड इकाइयों को अपनी उत्पादन क्षमता पूरी तरह से उपयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वैश्विक व्यापार में व्यवधान के कारण उत्पन्न एसईजेड इकाइयों की क्षमता उपयोग संबंधी चिंताओं को दूर करना है। विक्रय की मात्रा केवल निर्यात के एक निश्चित अनुपात तक सीमित होगी। इसके लिए आवश्यक नियामक बदलाव किए जाएंगे, ताकि डीटीए में काम करने वाली इकाइयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें। इससे एसईजेड इकाइयों को अपनी उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग करने और घरेलू बाजार में अपने उत्पाद बेचने की सुविधा मिलेगी। यह उपाय उद्योग और घरेलू व्यापार दोनों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। सतीश मोरे/01फरवरी ---