अंतर्राष्ट्रीय
01-Feb-2026


ट्रम्प प्रशासन ने 16 दवा कंपनियों से किया समझौता, 3 साल तक टैरिफ से मिलेगी छूट वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ट्रम्प प्रशासन इस महीने ट्रम्प आरएक्स नाम की एक नई सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयार में है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे कम दामों पर दवाएं खरीद सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि इस पहल से अमेरिकी लोगों के दवा खर्च को 800फीसदी की कमी आएगी। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन ने पिछले साल सितंबर से अब तक 16 बड़ी दवा कंपनियों के साथ समझौते किए हैं। इन समझौतों को ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन डील्स कहा गया। बदले में दवा कंपनियों को 3 साल तक इम्पोर्टेड दवाओं पर टैरिफ से छूट दी जाएगी। यह योजना चुनावी वादों और ‘अमेरिका फर्स्ट’ हेल्थ पॉलिसी से जुड़ी मानी जा रही है। ट्रम्प का कहना है कि दूसरे अमीर देश अमेरिका में बनी दवाइयां कम कीमत पर खरीदते हैं, जबकि अमेरिकियों को इसके लिए तीन गुना ज्यादा कीमत चुकाना पड़ती है। यह प्रोग्राम तय करेगा कि दवा कंपनियां उसी दाम पर दवा बेचे जो बाकी देशों में मिल रही है। अमेरिकी कंपनियां दवाओं के रिसर्च, टेस्टिंग, फैक्ट्री करोड़ों-खरबों रुपए खर्च करती है। दुनिया भर में यह दवा बेची जाती है। अमेरिका में यह दवा बहुत महंगी है, जबकि यूरोप, कनाडा, जापान जैसे अमीर देशों में वही दवा सस्ती कीमत में मिलती है। दरअसल, उन देशों की सरकार कम कीमत पर दवा खरीदने की मांग करती है और ऐसा न करने पर डील रोकने का खतरा रहता है। बाजार खोने के डर से कंपनियां कम कीमत में दवाइयां मुहैया करवाती है। राष्ट्रपति ट्रम्प का मानना है कि अमेरिकी लोगों के पैसे से ही नई दवाइयां बनती हैं। दूसरे देश कम पैसा देकर इसका फायदा उठाते हैं। वह अमेरिका की मेहनत पर फ्री राइड करते हैं। इसलिए इस प्रोग्राम में फैसला किया गया है कि अब अमेरिका में भी दवा की कीमत सबसे कम होगी जो किसी अमीर देश में मिलती है। कंपनियों से कहा गया कि अमेरिका को भी वही सस्ती डील दो। इससे विदेशी देशों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी, जैसे ब्रिटेन के साथ हुए समझौते में नई दवाओं की कीमत 25फीसदी बढ़ाई गई है। अमेरिकी मरीजों को दवाएं सस्ती मिलेंगी, कंपनियों का एक्स्ट्रा पैसा अमेरिका वापस आएगा और देश में दवा बनाने का काम बढ़ेगा। सिराज/ईएमएस 01फरवरी26 -----------------------------------