अंतर्राष्ट्रीय
01-Feb-2026


वायरल तस्वीरों और वीडियो ने पाकिस्तानी सरकार और एजेंसियों के दावों की खोली पोल करांची,(ईएमएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा 12 शहरों में किए गए हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो ने पाकिस्तानी सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के दावों को चुनौती दे दी है। इन विजुअल्स में स्थानीय बलूच नागरिकों को बीएलए लड़ाकों के साथ बैठकर खाना खाते और उन्हें भोजन पहुंचाते हुए देखा जा सकता है। सबसे ज्यादा चर्चा में एक वीडियो है, जिसमें नुश्की इलाके में हथियारबंद बीएलए लड़ाके स्थानीय लोगों के साथ शांतिपूर्वक बातचीत करते और भोजन करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सरकारी दावों से बिल्कुल अलग है, जिनमें कहा जाता रहा है कि बलूच विद्रोहियों को आम जनता का कोई समर्थन नहीं है। एक अन्य वायरल तस्वीर में स्थानीय लोग हथियारबंद विद्रोहियों के पास बिना किसी डर के खड़े दिखाई देते हैं, जिस पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई है। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक नुश्की, क्वेटा, ग्वादर, मकरान, हब, चमन और नसीराबाद समेत कई इलाकों में हमले हुए। इन हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने बड़ा काउंटर ऑपरेशन शुरू किया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया गया है और स्थिति अब नियंत्रण में है। बीएलए ने हालिया हमले को दशकों का सबसे घातक एकदिवसीय अभियान बताया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 70 उग्रवादी और 10 सुरक्षाकर्मी मारे गए। हमले शुक्रवार देर रात शुरू हुए और शनिवार तक जारी रहे, जिनमें सुरक्षा बलों, पुलिस ठिकानों और कुछ नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। बलूचिस्तान में पिछले कई दशकों से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है। बीएलए पाकिस्तान में प्रतिबंधित संगठन है और अमेरिका भी इसे आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। इसके बावजूद संगठन दावा करता रहा है कि उसे बलूच जनता का समर्थन हासिल है और उसका संघर्ष इस्लामाबाद के खिलाफ जनप्रतिरोध का है। सिराज/ईएमएस 01फरवरी26 -----------------------------------