अंतर्राष्ट्रीय
02-Feb-2026
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तेहरान,(ईएमएस)। मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते तनाव के बीच तेहरान से एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संकेत सामने आया है। एक ओर जहां होर्मूज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मूज) में ईरानी सेना लाइव फायर ड्रिल कर रही है और फरवरी के मध्य में बड़े युद्धाभ्यास की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। लारीजानी के अनुसार, अमेरिका के साथ संवाद के लिए एक संरचित ढांचा तैयार हो रहा है और यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की एक गंभीर कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, ईरान ने अपने रुख में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव या धमकी के साये में कोई समझौता नहीं करेगा। तेहरान की यह रणनीति बातचीत और तैयारी के दोहरे मोर्चे पर आधारित दिख रही है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया में युद्ध का जो माहौल दिखाया जा रहा है, वह काफी हद तक बनावटी है। उनका दावा है कि पर्दे के पीछे राजनयिक प्रयास जारी हैं और स्थिति उतनी विस्फोटक नहीं है जितनी पेश की जा रही है। लारीजानी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को कड़ी चेतावनी दे रहे हैं और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का एक बड़ा बेड़ा तैनात है। ट्रंप का रुख अब भी सख्त बना हुआ है; उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स आंतरिक और बाहरी दबाव के कारण परेशान है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान ने अपनी कूटनीतिक घेराबंदी तेज कर दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में इस्तांबुल पहुंचे, जहां उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन और विदेश मंत्री हकान फिदान से विस्तृत चर्चा की। तुर्की इस संकट में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में अली लारीजानी ने स्वयं मॉस्को का औचक दौरा किया और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बंद कमरे में बातचीत की। यद्यपि इस बैठक के विवरण को गुप्त रखा गया है, लेकिन क्रेमलिन द्वारा इसकी पुष्टि किए जाने से यह स्पष्ट है कि ईरान इस संघर्ष में रूस को अपने सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में देख रहा है। रूस और चीन के साथ ईरान का बढ़ता समन्वय अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। सैन्य मोर्चे पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए ईरान ने घोषणा की है कि फरवरी के मध्य में वह चीन और रूस के साथ मिलकर उत्तरी हिंद महासागर में एक व्यापक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करेगा। इस अभ्यास में ईरान की नियमित नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की टुकड़ियां शामिल होंगी। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने होर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान की लाइव-फायर एक्सरसाइज पर गहरी नजर बनाए रखी है। अमेरिका ने इसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर व्यवहार बताते हुए ईरान को आगाह किया है। गौरतलब है कि होर्मूज वह सामरिक मार्ग है जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ईरान ने पहले ही चेतावनी दे रखी है कि इस क्षेत्र पर उसका पूर्ण नियंत्रण है और यदि उसके हितों पर आंच आई, तो वह इस वैश्विक आपूर्ति लाइन को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। वीरेंद्र/ईएमएस 02 फरवरी 2026