राष्ट्रीय
02-Feb-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत और किर्गिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खंजर’ का 13वां संस्करण 4 से 17 फरवरी 2026 तक असम के मिसामारी में आयोजित किया जाएगा। यह अभ्यास दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी तालमेल, रणनीति और संचालन क्षमता को नई मजबूती देगा। संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर-13 का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में संयुक्त ऑपरेशनों पर फोकस करना है। इसके जरिए भारत और किर्गिस्तान के विशेष बल शहरी और जटिल परिस्थितियों में एक-दूसरे के अनुभवों से सीखेंगे और आधुनिक युद्ध कौशल को साझा करेंगे। यह अभ्यास द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही सैन्य साझेदारी को और गहराई प्रदान करेगा। विशेष बलों की उन्नत ट्रेनिंग पर जोर अभ्यास के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों और विशेष बलों की क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें स्नाइपिंग, कठिन बिल्डिंग इंटरवेंशन, क्लोज क्वार्टर बैटल और माउंटेन क्राफ्ट जैसे उन्नत सैन्य कौशलों का अभ्यास शामिल होगा। खासतौर पर शहरी और पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन करने की रणनीतियों पर दोनों देशों के जवान संयुक्त रूप से प्रशिक्षण लेंगे, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर समन्वय विकसित हो सके। सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी रहेगा अहम हिस्सा कठोर सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ इस अभ्यास में सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इससे दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर मिलेगा। यह आपसी समझ और भरोसे को बढ़ाने में सहायक होगा, जो किसी भी संयुक्त सैन्य अभियान के लिए जरूरी माना जाता है। रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मिलेगी मजबूती संयुक्त अभ्यास खंजर-13 भारत और किर्गिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और उग्रवाद जैसी साझा चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी मंच प्रदान करता है। यह अभ्यास न केवल दोनों सेनाओं की सैन्य दक्षता को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। हिदायत/ईएमएस 02फरवरी26