क्षेत्रीय
02-Feb-2026
...


- बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन की संघर्ष-गाथा युगों-युगों तक नई पीढ़ियों को प्रेरित करेगी- उमेश सिंह कुशवाहा पटना, (ईएमएस)। सोमवार को जद (यू) प्रदेश कार्यालय, पटना में ‘‘बिहार लेनिन’’ अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्राफ, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, पूर्व मंत्री सह विधायक जयंत राज, पूर्व मंत्री सह विधायक रामसेवक सिंह कुशवाहा, विधायक अश्वमेध देवी, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी (स्थापना) चंदन कुमार सिंह, मुख्यालय प्रभारी वासुदेव कुशवाहा, ई0 रामचरित्र प्रसाद, महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डाॅ. रंजू गीता, श्वेता विश्वास, प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा, संतोष कुशवाहा, वीरेंद्र सिंह दांगी, अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह, प्रो.प्रमिला प्रजापति, नंदकिशोर कुशवाहा, ओमप्रकाश सिंह ‘सेतु’, धीरज कुशवाहा, रेणुका कुशवाहा, पंकज कुमार सिंह, चंद्रिका सिंह दांगी, रामकुमार राम, कंचन माला चौधरी, चंदन पटेल, शिवशंकर निषाद सहित कई नेतागण उपस्थित रहे, सभी ने अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद को नमन किया। इस मौके पर उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद ने शोषित, वंचित और उपेक्षित तबकों को न्याय एवं अधिकार दिलाने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनका जीवन संघर्षों की वह अमर गाथा है, जिसे सुनकर और पढ़कर आज भी लोगों का रोम-रोम सिहर उठता है। उनके संघर्ष और विचारों की गाथा युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी। बाबू जगदेव प्रसाद का जीवन हमें यह सिखाता है कि परिवर्तन की लड़ाई भले ही लंबी हो, लेकिन यदि उसे सत्य और साहस के साथ लड़ा जाए तो वह इतिहास रचती है। जब-जब शोषितों और वंचितों के हक और अधिकारों की बात होगी, तब-तब बाबू जगदेव प्रसाद का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद द्वारा देखे गए समतामूलक समाज के सपने को साकार करने की दिशा में मा0 मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री नीतीश कुमार ने उनके विचारों, आदर्शों और समाजवादी मूल्यों को आत्मसात करते हुए शोषित, वंचित और गरीब तबकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है, जिसके परिणामस्वरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वर्गों के जीवनस्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ‎संतोष झा- ०२ फरवरी/२०२६/ईएमएस