संघ नए प्रदेश संगठन महामंत्री को लेकर पड़ोसी राज्यों के नताओं में कर रहा तलाश भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश भाजपा संगठन की पिछले चार वर्षो से कमान संभाल रहे हितानंद को संगठन महामंत्री के पद से हटाने के बाद अब अगले प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम को लेकर राजनीतिक विशलेषक कयास लगा रहें है। हालांकि संघ इस बारें में कोई विचार नही कर रहा है। इसके पीछे जो कारण बताए जा रहे हे। वह भी काफी चौकानें वाले है। हिताननंद को प्रदेश सह बोदि़धक प्रमुख बनाए जाने के साथ ही प्रदेश संगठन महामंत्री का काम क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल को दे दिया गया है। लेकिन जामवाल इस जवाबदारी को कितने दिन संभालेंगे यह भी चर्चा का विषय बना हुअ है। माना जा रहा है कि संघ ने अगले प्रदेश संगठन महामंत्री के नाम को लेकर नाम तय कर लिया है लेकिन अभी घोषणा नही की जाएगी। इसके पीछे जो कारण बताए जा रहे है वह यह है कि अगर अजय जामवाल इस पद का दायित्व पूर्ण रूप से संभालने के लिए तैयार हो जाते है तो संघ उन्हें ही पूर्ण दायित्व सौप सकता है। - संघ नया प्रयोग करने के प्रयास में इसके अलावा संघ यह भी सोच कर चल रहा है कि अगर प्रदेश में संगठन महामंत्री के पद की जरूरत नही हुई तो फिर इस पद पर किसी को नही लाया जाएगा। इसके पीछे जो कारण बताए जा रहे है वह यह है कि पिछले करीब चार-पांच वर्षो से राजस्थान में भी गठन महामंत्री का पद खाली है और ऐसे में भाजपा ने दो वर्ष पूर्व सत्ता में वापसी की हे। ऐसे में माना जा रहा है कि यदि संघ को लगाता है कि मध्यप्रदेश में भी भाजपा को प्रदेश संगठन महामंत्री के बगैर चलाया जा सकता है। तो फिर नए व्यक्ति को इस पद पर लाने से कोई फायदा नहीं होगा। - यह भी एक बजह मध्यप्रदेश में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के समय टिक्ट वितरण को लेकर काफी सवाल उठे थे तब भी प्रदेश संगठन द्वारा अपनों को उपकृत करने को लेकर आरोप लगाए गए थे हालांकि प्रदेश में भाजपा की ऐतिहासिक जीत ने इन सब मामलें पर विराम लगा दिया था । उसी समय से प्रदेश संगठन महामंत्री को बदलने की कवायद प्रारंभ हो गई थी। संघ अब प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर प्रदेश के बाहर के नेता को इस पद पर आसीन करने को लेकरा विचार कर रहा है। अब देखना यह है कि अगर प्रदेश में नए संगठन महामंत्री के पद पर किसी को नियुक्त किया जाता है तो फिर वह किस प्रदेश से होगा । माना यह भी जा रहा है कि प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर उत्तरप्रदेश,बिहार या फिर महाराष्ट, जैसे बडे राज्यों से संघ के किसी नेता को यहां दायित्व दिया जा सकता है। आशीष पाराशर