जेट इंजनों मे कम लगेगा फ्यूल मेलबर्न (ईएमएस) । मेलबर्न यूनिवर्सिटी और जीईएयरो स्पेस के वैज्ञानिकों ने जेट इंजन टरबाइन ब्लेड पर किए गए शोध के बाद एक बड़ी सफलता हासिल की है। अमेरिका के फ्रंटियर सुपर कंप्यूटर की मदद से जेट इंजन के टरबाइन ब्लेड पर होने वाली बारीक़ घिसावट को कम करने का मॉडल तैयार किया है। यह दुनिया का पहला सुपर कंप्यूटर है। जो एक्सास्केल की स्पीड को कम करता है। यह 1 सेकंड में किवंटिलियन से अधिक कैलकुलेशन कर सकता है। जेट इंजन टरबाइन के ब्लेड बड़े होते हैं। इसे साधारण कंप्यूटर से सिम्युलेट करना नामुमकिन था। वैज्ञानिकों ने मिलकर 20 बिलियन ग्रिड प्वाइंट्स का उपयोग कर ब्लड की सतह को चिकनी रखने में मदद की है। जिसके कारण अब जेट इंजन में ईंधन में भारी बचत संभव हुई है। भविष्य में जो भी जेट इंजन तैयार होंगे। उसमें इस सुपर कंप्यूटर का उपयोग किया जाएगा। जिसके कारण भविष्य में हवाई सफर काफ़ी सस्ता होगा। सनत कुमार जैन/02 फरवरी2026