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03-Feb-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक (मेमोयर) को लेकर जारी विवाद के चलते विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही बाधित कर दी। हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहा था। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे बढ़ाने की कोशिश की और बार-बार विपक्षी सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटने और सदन को चलने देने की अपील की। हालांकि, उनकी अपील का विपक्ष पर कोई असर नहीं पड़ा और शोर-शराबा लगातार जारी रहा। स्थिति नियंत्रित न होते देख स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी और सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। प्रश्नकाल ठप रहने से कई महत्वपूर्ण सवालों पर चर्चा नहीं हो सकी। 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन इस बार स्पीकर ओम बिरला पीठ पर मौजूद नहीं थे। उनकी जगह स्पीकर पैनल के सदस्य कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कार्यवाही का संचालन किया। उन्होंने सदन को बताया कि विभिन्न मुद्दों पर कई सांसदों की ओर से स्थगन प्रस्ताव के नोटिस दिए गए हैं, लेकिन स्पीकर की ओर से किसी भी नोटिस को अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी सदन का माहौल पूरी तरह शांत नहीं हो सका। विपक्ष लगातार नरवणे की किताब से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग करता रहा, जबकि सरकार का रुख रहा कि अप्रकाशित और असत्यापित सामग्री के आधार पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। गौरतलब है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब का संदर्भ प्रस्तुत करने को लेकर सोमवार से ही संसद में राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्ष इसे सरकार द्वारा तथ्यों को दबाने का प्रयास बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और संसदीय नियमों से जुड़ा मामला बता रहा है। हंगामे के चलते बजट सत्र की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। हिदायत/ईएमएस 03फरवरी26