राष्ट्रीय
03-Feb-2026


नई दिल्ली(ईएमएस)। उत्तर और मध्य भारत के एक बड़े हिस्से में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मंगलवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्य घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटे नजर आए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली के कई इलाकों में दृश्यता शून्य के करीब पहुंचने और बहुत घने कोहरे की स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इस खराब मौसम का सीधा असर यातायात पर पड़ा है, जिसके चलते दिल्ली आने-जाने वाली दर्जनों ट्रेनें और उड़ानें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग ने केवल कोहरे ही नहीं, बल्कि आंधी-तूफान और बारिश को लेकर भी कड़ा अलर्ट जारी किया है। दिल्ली के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के आगरा, बरेली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मथुरा जैसे पश्चिमी जिलों में घने कोहरे के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मध्य प्रदेश के अशोकनगर, छतरपुर, शिवपुरी और दतिया समेत उत्तर प्रदेश के झांसी क्षेत्र में मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आने और ठिठुरन बढ़ने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में ताजी बर्फबारी का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 3 फरवरी को इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और हिमपात हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में ताजी बर्फबारी के कारण कई सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ऊंचे दर्रों की यात्रा न करने की सलाह दी है। हिमाचल और उत्तराखंड के निचले इलाकों में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी भी दी गई है। मैदानी राज्यों में भी मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश के साथ बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) में मामूली सुधार देखा गया और यह मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई, लेकिन कोहरे और बादल छाए रहने के कारण प्रदूषण के कणों के निचले स्तर पर जमा होने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि घने कोहरे की यह स्थिति 5 फरवरी तक पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बनी रह सकती है। मौसम के इस बदलते मिजाज का असर खेती पर भी पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवाएं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सिंचाई और फसल संबंधी गतिविधियों की योजना मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही बनाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षा मानकों का पालन करें। वीरेंद्र/ईएमएस/03फरवरी2026