राष्ट्रीय
03-Feb-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़ कर दिए हैं। उन्होंने कहा यह डील अमेरिका के लिए ऐतिहासिक हो सकती है, लेकिन भारत के हिसाब से यह सौदा फिलहाल विन-विन नहीं दिखता। सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इस पूरे समझौते की आधिकारिक जानकारी देश के सामने नहीं रखी गई है। सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ट्रंप के पोस्ट के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया है, जिससे भारतीय एक्सपोर्टर्स को कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बदले अमेरिका को भारतीय बाजार में बेहद व्यापक छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने यूएस मार्केट में टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर्स को शून्य किया है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर अमेरिका के उत्पाद भारत में आते हैं, तब उन पर कोई टैरिफ नहीं होगा। शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा कि ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने रूस से तेल न खरीदने पर सहमति जाहिर की है। इसके अलावा, बजट से ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने कहा था कि भारत ईरान से क्रूड ऑयल नहीं खरीदेगा और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में भारत ने अमेरिका से अपने तेल आयात में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। साथ ही, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों द्वारा अमेरिका के साथ एलपीजी डील साइन की गई है। प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी याद दिलाया कि आनंद फानन में शांति विधेयक पास होना भी अमेरिकी हितों से जुड़ा माना गया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटरों और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों के पोस्ट से साफ होता जा रहा है कि भारत ने कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में भी अपने बाजार खोलने पर मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अब तक भारतीय किसानों की सुरक्षा के लिए जो बैरियर्स लगाए गए थे, उन्हें हटाने की बात सामने आ रही है। अगर ऐसा हुआ है, तब भारतीय किसानों के लिए यह बेहद चिंता का विषय है। टैरिफ कम होने से हमारे एक्सपोर्टर्स को जरूर राहत मिलेगी, लेकिन इसके अलावा अभी तक जो संकेत मिल रहे हैं, उनसे लगता है कि अमेरिका को भारतीय बाजारों में काफी ज्यादा छूट दी गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख की किताब के अंश का जिक्र करने पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र की मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तब पूर्व आर्मी चीफ की किताब को छपने की अनुमति नहीं दी गई, जो एक मजबूत लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर देश खुद को एक प्रजातंत्र मानता है, तब जनता को सच्चाई जानने से क्यों रोका जा रहा है। आशीष दुबे / 03 फरवरी 2026