राष्ट्रीय
03-Feb-2026
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मथुरा,(ईएमएस)। मथुरा के वृंदावन में प्रमुख संत प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे अभिनेता गजेंद्र चौहान, जिन्होंने महाभारत में युधिष्ठिर का किरदार निभाया था। उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया। गजेंद्र चौहान ने बताया कि उन्होंने महाभारत में धर्म और सत्य के प्रतीक युधिष्ठिर का अभिनय किया है। प्रेमानंद महाराज ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि आपने धर्म के इस महान स्वरूप को प्रस्तुत किया। इस मौके पर गजेंद्र चौहान ने महाभारत का एक संवाद साझा किया, जो पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी पसंदीदा था: कोई भी पुत्र, कोई भी पिता, कोई भी परिवार, कोई भी प्रतिज्ञा, कोई भी परंपरा, राष्ट्र से ऊपर नहीं हो सकती। प्रेमानंद महाराज ने इस अत्यंत सुंदर कहा और राष्ट्र की श्रेष्ठता पर जोर दिया। उन्होंने भीष्म की प्रतिज्ञा का उदाहरण देकर समझाया कि जब राष्ट्र की बात आती है, तब प्रतिज्ञा भी त्यागनी पड़ती है। इसके मौके पर टीवी अभिनेता गजेंद्र ने महाभारत का किस्सा भी साझा किया, जब पांचाली वनवास से मना कर रही थीं। युधिष्ठिर ने समझाया कि कर्म और भाग्य के नियम से जो होना है, उसे कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मर्यादा और धर्म के अनुसार वनवास अवश्य निभाना पड़ेगा। गजेंद्र चौहान का करियर महाभारत के अलावा कई फिल्मों में रहा है, लेकिन उन्हें आज भी युधिष्ठिर के किरदार के लिए जाना जाता है। उनका आखिरी फिल्म प्रोजेक्ट 2006 में मेरे जीवन साथी था। इस मुलाकात में धर्म, कर्म और राष्ट्र के महत्व पर विशेष ध्यान दिया गया। आशीष दुबे / 03 फरवरी 2026