राष्ट्रीय
03-Feb-2026


पटना,(ईएमएस)। बिहार का 2026-27 का बजट राज्य के विकास की दिशा में एक अहम कदम के रूप में सामने आया है। नीतिश सरकार में वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने 34 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष के 31 लाख करोड़ रुपये के बजट की तुलना में काफी अधिक है। यह बढ़ा हुआ बजट न केवल राज्य की आर्थिक क्षमता को दिखाता है, बल्कि सरकार की विकासोन्मुखी सोच को भी स्पष्ट करता है। बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत 7,724 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो सरकार के “न्याय के साथ विकास” के संकल्प को मजबूती देता है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान जैसे मूल्यों पर आधारित है। साथ ही 2026-27 के लिए कर राजस्व लगभग 65,800 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया गया है, जो राज्य की राजस्व स्थिति में सुधार का संकेत देता है। बजट भाषण में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का भी विशेष उल्लेख किया। यह योजना विधानसभा चुनावों से पहले शुरू की गई थी और योजना को सत्ताधारी एनडीए की जीत में अहम माना जा रहा है। योजना के तहत 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की गई। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जिन महिलाओं ने इस राशि का उपयोग व्यवसाय शुरू करने में किया है, उन्हें आगे चलकर 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलेगी। इससे महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने बजट की सराहना कर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार का बजट लगातार बढ़ा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में राज्य का बजट मात्र 23,000 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लाखों करोड़ तक पहुंच गया है। उनके अनुसार, आर्थिक सर्वेक्षण भी इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार देश के सबसे तेज़ आर्थिक विकास करने वाले राज्यों में शामिल है। कुल मिलाकर, यह बजट बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। आशीष दुबे / 03 फरवरी 2026