- सांसद विवेक तन्खा का प्रश्न पर विमानन मंत्रालय का स्पष्टीकरण नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में लगातार बढ़ते हवाई किराए और कुछ मार्गों पर एयरलाइनों के कथित एकाधिकार को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में स्थिति साफ की है। सांसद विवेक तन्खा के लिखित प्रश्न के उत्तर में नागर विमानन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है और नागर विमानन क्षेत्र में संतुलित व प्रतिस्पर्धी माहौल बनाए रखने के लिए निरंतर नीतिगत समीक्षा की जा रही है। नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि वायु निगम अधिनियम के निरस्त होने के बाद भारतीय विमानन क्षेत्र को पूरी तरह उदारीकृत किया गया है। मौजूदा व्यवस्था में एयरलाइनों को बाजार स्थितियों और वाणिज्यिक व्यवहार्यता के आधार पर उड़ानों का संचालन, मार्ग चयन और क्षमता तय करने की स्वतंत्रता है। सरकार का मानना है कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से यात्रियों को बेहतर सेवाएं और किफायती किराए मिलते हैं। मंत्री ने कहा कि प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए हवाईअड्डा अवसंरचना का विस्तार, यातायात अधिकारों का युक्तिकरण, नए विमानों को बेड़े में शामिल करने और ‘उड़ान’ योजना के जरिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत किया जा रहा है। इससे कम यातायात वाले और अब तक उपेक्षित मार्गों पर भी कई एयरलाइंस उतर सकेंगी। एकाधिकार और किराया निर्धारण पर निगरानी की जिम्मेदारी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की है। हाल ही में सीसीआई ने डीजीसीए से यात्रियों की संख्या, मार्ग विवरण और औसत किरायों से जुड़ा डेटा मांगा, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। सरकार ने दोहराया कि यदि किसी मार्ग पर अनुचित किराया वृद्धि या प्रतिस्पर्धा की कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।