अंतर्राष्ट्रीय
04-Feb-2026
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बलूचिस्तान के सीएम ने कहा-जिलों को आतंकियों से मुक्त कराया, ऑपरेशन जारी क्वेटा,(ईएमएस)। पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में पिछले शनिवार से विद्रोहियों द्वारा किए गए हमलों और उसके बाद सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में अब तक 250 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार से शुरू हुई इस हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़ी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारी ने दावा किया कि जवाबी सैन्य कार्रवाई में अब तक 197 आतंकी ढेर हो चुके हैं। वहीं इन हमलों में कम से कम 36 आम नागरिकों की जान गई है। पाक अधिकारी के मुताबिक देश की रक्षा करते हुए 22 सुरक्षा बल के जवान भी शहीद हुए हैं। विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। विद्रोहियों ने पूरे प्रांत में एक साथ मिलकर कई ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने बैंकों, जेलों और पुलिस स्टेशनों पर धावा बोला। सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों पर बंदूक और आत्मघाती हमले किए। हथियारबंद लड़ाकों ने सड़कों को जाम किया और बाहर से आए श्रमिकों को निशाना बनाया। जानकारी के मुताबिक बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर हमलों ने पूरे पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। जनवरी के अंत में बीएलए ने ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान प्रांत के कई जिलों में समन्वित हमले किए। हमले 31 जनवरी को शुरुआत हुए, जो कई शहरों जैसे क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी आदि में फैल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक 12 से 48 तक अलग-अलग लोकेशनों पर एक साथ हमले किए गए, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग और गन अटैक शामिल थे। बीएलए ने जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और काउंटर-टेररिज्म यूनिट्स के 200 से ज्यादा जवानों को मार गिराया, साथ ही 18 को बंधक बना लिया है। उन्होंने इसे कब्जा करने वाली ताकतों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताया। बलूचिस्तान के सीएम सरफराज बुगती ने क्वेटा में कहा कि प्रभावित जिलों को आतंकियों से मुक्त करा लिया गया है, लेकिन आतंकियों के सफाए के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि हम उनका पीछा कर रहे हैं और उन्हें इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगे। बलूचिस्तान दशकों से अलगाववादी विद्रोह का सामना कर रहा है। बीएलए जैसे संगठन इस खनिज संपन्न क्षेत्र में बाहरी हस्तक्षेप और संसाधनों के दोहन का विरोध करते हैं। पिछले कुछ सालों में उन्होंने अन्य प्रांतों से आए मजदूरों और कामगारों पर हमले तेज कर दिए हैं। विदेशी ऊर्जा कंपनियों और चीनी निवेश परियोजनाओं को निशाना बनाया है। सिराज/ईएमएस 04फरवरी26 ------------------------------------