क्षेत्रीय
04-Feb-2026
...


- गैस पीड़ित महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में कैसंर के मरीज अधिक - कैंसर मरीजो का लगातार बढ़ रहा है आंकड़ा भोपाल(ईएमएस)। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर गैस पीड़ितो की समस्याओ के लिये लगातार लड़ाई लड़ रहे सम्भावना ट्रस्ट क्लिनिक के सदस्यों ने आयोजित पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि 1984 की यूनियन कार्बाइड हादसे से प्रभावित आबादी (गैस पीड़ितो) में कैंसर की दर, अपीड़ित आबादी की तुलना में लगभग 13 गुना ज़्यादा है। आँकड़ों से यह भी पता चलता है, कि गैस पीड़ित महिलाओं की अपेक्षा गैस पीड़ित पुरुषों में कैन्सर का दर ज़्यादा है। यह भी देखा गया है कि गैस पीड़ित आबादी में खून, फेफड़े और गले के कैंसर की दर सबसे ज़्यादा है।1996 में स्थापित सम्भावना ट्रस्ट क्लिनिक भोपाल में यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों को मुफ्त इलाज मुहैया कराता है। - संगठन ने मैदानी स्तर पर जुटाये आकंड़े क्लिनिक की सामुदायिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण यूनिट के सदस्य “राधे लाल नापित ने कहा, “हमने 21276 गैस पीड़ितों और 25528 अपीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी इकट्ठा की है, जिनकी आय और शिक्षा समान है। कैंसर का आँकड़ा उन सभी लोगों का है जिन्हें 1992 और 2012 के बीच कैंसर का पता चला था। हमारे पास कैंसर वाले लगभग सभी व्यक्तियों के मेडिकल रिकॉर्ड की कॉपी हैं।” वहीं इस सबंध में घर-घर जाकर और जानकारी इकट्ठा करने वाली टीम का अहम हिस्सा रही फरहत जहाँ ने कहा, “हमारा आँकड़ा यह दिखाता है कि, जबकि गैस पीड़ित आबादी में कैंसर की दर प्रति 100,000 पर 1569.84 है, वहीं अपीड़ित आबादी में यह प्रति 100,000 पर 117.52 है। गैस पीड़ित पुरुषों में कैंसर की दर 14.92 गुना ज़्यादा है, जबकि गैस पीड़ित महिलाओ में यह 12.22 गुना ज़्यादा है।” सर्वे टीम के अन्य सदस्य चन्द्रशेखर साहू ने बताया कि यूनियन कार्बाइड हादसे के पीड़ितों में कुछ तरह के कैंसर ज़्यादा आम थे। “हम पाते हैं कि गैस पीड़ित आबादी में खून के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में 21.6 गुना ज़्यादा है। इसी तरह, फेफड़े और गले के कैंसर की दर अपीड़ित आबादी की तुलना में क्रमशः 28.78 और 33.86 गुना ज़्यादा है।” टीम की सदस्य संतोष क्षत्रिय ने बताया कि गैस पीड़ित लोगों की जानकारी जयप्रकाश नगर, कैंची छोला, काज़ी कैंप और यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 3 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाकों के निवासियों से इकट्ठा किया गया, जबकि गैस से अपीड़ित लोगों की जानकारी अन्ना नगर, भीम नगर और वल्लभ नगर के निवासियों से ली गई थी, जो यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 8 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी पर हैं। जुनेद / 4 फरवरी