बालाघाट (ईएमएस). आगामी दिनों में आयोजित होने वाली स्कूलों की बोर्ड परीक्षा, वार्षिक परीक्षा एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं के सुव्यवस्थित संचालन तथा परीक्षार्थियों को अध्ययन के दौरान किसी तरह का व्यवधान न हो इसके लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मृणाल मीना ने मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत जिले में बिना अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में दिये गए आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यंत्र जैसे लाउड स्पीकर, डीजेे, बैंड-बाजा, जुलुस, इत्यादि का उपयोग तथा किसी आमसभा, जुलूस, सम्मेलन जलसा, खेल प्रतियोगिता और किसी भी निजी, सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना नही करेगा। परीक्षाओं के संचालन हेतु बनाये गये परीक्षा केन्द्रों से 200 मीटर की परिधि के भीतर कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र नहीं चलाया जाएगा। जहां कोई ध्वनि विस्तारक यंत्र उपर्युक्त दूरी से परे चलाया जाता है, वहां उसके वॉल्यूम को इस प्रकार नियंत्रित किया जाएगा कि जिससे परीक्षा केन्द्रों को कोई विघ्न न पहुंचे या न्यूसेंस कारित न हो। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का पूर्णरूपेण प्रतिबंध रहेगा। अत्यंत आवश्यक होने पर सुबह 6 बजे से रात्री 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रो के 1/4 वॉल्यूम में (ध्वनि स्तर परिवेशी ध्वनि 10 डेसीबल से अनाधिक पर) उपयोग की अनुमति विहित प्राधिकारी/अनुविभागीय अधिकारी (रा.) द्वारा मप्र कोलाहल नियत्रण अधिनियम 1985 की धारा 7 के उपबंधी को दृष्टिगत रखते हुए जारी की जाएगी । इस आदेश का उल्लंघन करने पर जिम्मेदार व्यक्ति के विरूद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, एसडीओपी, थाना प्रभारी, जनपद सीईओ को इस आदेश का कडाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए है। भानेश साकुरे / 04 फरवरी 2026