बालाघाट (ईएमएस). जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत ग्राम खापा में तय किया गया एक बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग बालिका के माता-पिता एवं परिजनों को समझाइश देकर विवाह को निरस्त करा दिया। जिले में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से कलेक्टर मृणाल मीणा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दीपमाला मंगोडिया के निर्देशन में निरंतर सख्त एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में वारासिवनी तहसील के ग्राम खापा में बाल विवाह तय होने की सूचना प्राप्त होते ही बाल कल्याण समिति, पुलिस विभाग की विशेष किशोर इकाई, वन स्टॉप सेंटर तथा आंगनबाड़ी विभाग की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कार्यवाही के दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता झांगेले, पुलिस विभाग की विशेष किशोर इकाई से रेहाना खान एवं योगेश राहंगडाले, महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक कौतिका नारनौरे, वन स्टॉप सेंटर बालाघाट की प्रशासक रचना चौधरी, केस वर्कर यानिता राहंगडाले, चाइल्ड लाइन प्रभारी खिलेंद्र यूके एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। टीम द्वारा बालिका, उसके माता-पिता एवं सगे-संबंधियों को बाल विवाह न करने के लिए समझाया गया तथा कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के अनुसार लडक़ी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लडक़े की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। बाल विवाह कराना केवल सामाजिक बुराई ही नहीं बल्कि दंडनीय अपराध भी है। इसके तहत माता-पिता, परिजन, बाराती एवं विवाह संपन्न कराने वाले पुरोहित तक पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर दो वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा एक लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों का प्रावधान है। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि बाल विवाह के कारण कुपोषण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि तथा घरेलू हिंसा जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए समाज के सभी वर्गों को इस कुप्रथा के विरुद्ध जागरूक होकर सहयोग करना आवश्यक है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि निर्धारित आयु पूर्ण होने के बाद ही विवाह संपन्न कराएं। यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना प्राप्त हो तो जिला बाल संरक्षण अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर, टोल फ्री नंबर अथवा महिला हेल्पलाइन पर संपर्क करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णत: गोपनीय रखी जाएगी। भानेश साकुरे / 04 फरवरी 2026