इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में इंजीनियर अतुल सेठ द्वारा इन्दौर के प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को रोकने की मांग करते दायर याचिका पर सुनवाई करते कोर्ट ने इसे सरकार का नीतिगत निर्णय मान रोक लगाने से इंकार कर दिया। हालांकि कोर्ट ने इसे बीआरटीएस और शहर के ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़ा मानते हुए पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ लिंक करते 25 फरवरी को इस पर भी सुनवाई का निर्णय दिया है। इन्दौर के एलआईजी चौराहे से नवलखा चौराहे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर पर रोक लगाने की अतुल सेठ द्वारा दायर इस जनहित याचिका पर सुनवाई दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव धनोतकर ने कोर्ट को बताया कि एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर किए गए दो सर्वे में इसकी उपयोगिता स्पष्ट नहीं होती। इसके बावजूद काम शुरू करने की तैयारी है और एनआईटी जारी होने की संभावना है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि पहले यह कॉरिडोर प्रस्तावित नहीं था, लेकिन अब सरकार का नीतिगत निर्णय है कि इसे बनाया जाए। कोर्ट सरकार के नीतिगत निर्णयों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। फिलहाल इसे शहर के ट्रैफिक सुधार हेतु अन्य याचिकाओं के साथ लिंक करते सुनवाई की अगली तारीख 25 फरवरी नियत की जाती है। आनंद पुरोहित/ 05 फरवरी 2026