ज़रा हटके
06-Feb-2026
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लंदन (ईएमएस)। अच्छी नींद के लिए सिर्फ समय ही नहीं, बल्कि सोने का तरीका और माहौल भी उतना ही अहम है। इन्हीं आदतों में से एक है रात को बिना कपड़ों के सोना, जिसे लेकर अब हेल्थ एक्सपर्ट्स कई फायदे गिना रहे हैं। उनका कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को नींद से जुड़ी परेशानी रहती है, तो यह छोटी-सी आदत शरीर और मन दोनों पर सकारात्मक असर डाल सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रात में बिना कपड़ों के सोने से शरीर का तापमान प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहता है। सोते समय शरीर का तापमान हल्का कम होना जरूरी होता है, तभी गहरी और सुकूनभरी नींद आती है। ज्यादा या मोटे कपड़े पहनकर सोने से शरीर जरूरत से ज्यादा गर्म रहता है, जिससे नींद बार-बार टूट सकती है। इसके उलट, बिना कपड़ों के सोने से शरीर जल्दी ठंडा होता है और नींद की क्वालिटी में सुधार होता है, खासतौर पर गर्मियों के मौसम में। अच्छी नींद के दौरान शरीर मेलाटोनिन और ग्रोथ हार्मोन का स्राव करता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने, वजन को संतुलित रखने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मददगार होते हैं। अगर शरीर ज्यादा गर्म रहता है, तो इन हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। बिना कपड़ों के सोने से हार्मोनल बैलेंस बेहतर बना रहता है, जिससे शरीर अंदर से ज्यादा स्वस्थ महसूस करता है। इसके अलावा, यह आदत त्वचा और निजी अंगों की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। टाइट या सिंथेटिक कपड़ों में पूरी रात सोने से पसीना, बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। महिलाओं में यीस्ट इंफेक्शन और पुरुषों में स्किन इरिटेशन की समस्या देखी जाती है। बिना कपड़ों के सोने से त्वचा को सांस लेने का मौका मिलता है, जिससे इंफेक्शन का जोखिम कम होता है और स्किन हेल्दी रहती है। कपड़ों के बिना सोने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मांसपेशियां पूरी तरह रिलैक्स हो पाती हैं। इससे शरीर की थकान जल्दी दूर होती है और सुबह उठने पर ताजगी महसूस होती है। कुछ अध्ययनों में यह भी सामने आया है कि ठंडे तापमान में सोने से शरीर अतिरिक्त कैलोरी बर्न करता है, क्योंकि खुद को गर्म रखने के लिए ऊर्जा खर्च होती है। हालांकि यह वजन घटाने का कोई जादुई उपाय नहीं है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ यह आदत मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट जरूर कर सकती है। मालूम हो कि स्वस्थ जीवन के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी और गहरी नींद बेहद जरूरी मानी जाती है, लेकिन अक्सर लोग केवल नींद की अवधि पर ध्यान देते हैं, उसकी गुणवत्ता को नजरअंदाज कर देते हैं। सुदामा/ईएमएस 06 फरवरी 2026