- आयुक्त सिंघल की दो टूक : सुधरें औद्योगिक इकाइयां वरना फैक्ट्री सीलिंग के साथ रद्द होंगे लाइसेंस :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए इंदौर नगर निगम ने शुक्रवार को औद्योगिक गलियारों में बड़ी कार्रवाई की है। आयुक्त क्षितिज सिंघल के सीधे निर्देशन में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वार्ड-18 स्थित सवारियां चिप्स कंपनी को पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ाने का दोषी पाया गया। निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंपनी पर 50,000 रू. का स्पॉट फाइन ठोक कर कड़ा संदेश दिया है। - नाले में बह रहा था ज़हरीला कचरा :: निगम सूत्रों के अनुसार, जोन-17 की विशेष टीम ने जब सेक्टर ‘ए’ स्थित कंपनी परिसर में आकस्मिक दबिश दी, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक था। कंपनी द्वारा औद्योगिक अपशिष्ट युक्त प्रदूषित जल को बिना किसी उपचार के सीधे सार्वजनिक नाले में बहाया जा रहा था। इसके साथ ही परिसर के भीतर गंदगी के ढेर पाए गए, जो न केवल जन-स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि शहर की स्वच्छता साख पर भी प्रहार कर रहे थे। - मौके पर पंचनामा, प्रबंधन को अंतिम चेतावनी :: निगम की टीम ने मौके पर ही उल्लंघन का पंचनामा तैयार कर जुर्माना वसूला। अधिकारियों ने कंपनी प्रबंधन को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि यदि ड्रेनेज और कचरा निष्पादन की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त नहीं की गई, तो बिना किसी अग्रिम सूचना के फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - आयुक्त का कड़ा संदेश :: शहर की आबोहवा और स्वच्छता से खिलवाड़ की इजाजत किसी को नहीं है। यह जुर्माना केवल एक सांकेतिक चेतावनी है। यदि औद्योगिक इकाइयां अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाती हैं, तो हम कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ उनके लाइसेंस निरस्तीकरण की ओर बढ़ेंगे। — क्षितिज सिंघल, आयुक्त, नगर निगम - निरंतर जारी रहेगा अभियान :: निगम की इस कार्रवाई के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप व्याप्त है। बताया जा रहा है कि निगम ने सेक्टर ‘ए’ सहित शहर के अन्य औद्योगिक जोन में संदेहास्पद इकाइयों की एक हिट-लिस्ट तैयार कर ली है। आने वाले दिनों में सघन जांच का यह सिलसिला और तेज होगा, जिसमें दोषी पाए जाने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। प्रकाश/6 फरवरी 2026