06-Feb-2026
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- कभी नौकरी के लिए थीं परेशान, अब कमा रहीं हर साल लाखों रूपये ग्वालियर ( ईएमएस ) | कक्षा-10 तक पढने के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहीं अंगूरी बाई बघेल का जीवन आत्मा परियोजना के तहत चल रही किसान पाठशाला में बदल गया। किसान पाठशाला में समय बिताने के लिए पहुंची अंगूरी बाई को मिली खेती की शिक्षा ने उनका जीवन बदल दिया। अब अंगूरी बाई बघेल खुद खेती, मुर्गी पालन एवं मछली पालन से हर साल लाखों रूपये कमा रही हैं। अगूंरी बाई बघेल ने बताया कि वह विकासखण्ड भितरवार के भरथरी गांव में रहती हैं। कक्षा 10 वीं के बाद उसने नौकरी करने का विचार किया। इस दौरान उसने नौकरी के लिए तीन-चार साल तक कई जगह चक्कर लगाए लेकिन नौकरी नहीं मिली। इसी दौरान गांव में आत्मा परियोजना के तहत गांव में किसान पाठशाला लगाई गई थी। सूचना मिलने पर अंगूरी देवी भी इस पाठशाला में पहुंच गई और वहां पर दो दिन का प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के बाद अंगूरी बाई ने स्वयं की एक एकड जमीन में धान की खेती की। इस खेती से अंगूरी को काफी लाभ हुआ। इसके बाद दूसरे साल अंगूरी ने एसडब्ल्यूआई पद्धति से गेहूं की खेती की। इस विधि से अंगूरी को सामान्य विधि से उगाए जाने वाले गेहूं से अधिक पैदावार मिली। इसके बाद अंगूरी को आत्मा परियोजना के अधिकारियों ने उद्यान विभाग से जोड़ा, जिसके बाद दो बीघा में अमरूद का बाग लगाया। वर्ष 2022 में बागीचे से 60 तो 2023 में 70 हजार रूपये की कमाई हुई। इसके साथ ही एक बीघा में नीबू एवं 70 पेड आंवला के लगाए, जिससे उन्हें अतिरिक्त कमाई होने लगी। इसके साथ ही अंगूरी बाई ने आधा बीघा में थाई बेर लगाए एवं आधा बीघा में सिंघाणा की खेती की, जिससे उन्हें अतिरिक्त कमाई हुई। अंगूरी बाई ने अपने खेत में बने तालाब में मछली एवं मुर्गी पालन भी किया है। मुर्गी एवं मछली पालन से उन्हें बेहतर आमदनी हो रही है। जो कि हर माह लगभग 1.50 लाख रूपये तक पहुंच जाती है।