आरबीआई ने ब्याज दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी, अब आरबीआई लाएगा सख्त गाइडलाइंस, लोन-रिकवरी एजेंट अब ग्राहकों को परेशान नहीं कर सकेंगे एजेंटों की बदतमीजी बैंकों को पड़ेगी भारी मुंबई(ईएमएस)। इस बार रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यानी लोन महंगे नहीं होंगे और आपकी ईएमआई भी नहीं बढ़ेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग में लिए फैसलों की जानकारी दी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लोन रिकवरी एजेंटों की मनमानी और बैंकों द्वारा की जा रही मिस-सेलिंग पर लगाम लगाने के लिए सख्त गाइडलाइंस लाने का फैसला किया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि केंद्रीय बैंक तीन नए ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी करने जा रहा है। इनका मकसद ग्राहकों की सुरक्षा को मजबूत करना और बैंकों की जवाबदेही तय करना है। इन नियमों के लागू होने के बाद रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डरा-धमका नहीं पाएंगे और न ही बैंक आपको ऐसा इंश्योरेंस या लोन दे पाएंगे, जिसकी आपको जरूरत नहीं है। आरबीआई गवर्नर ने साफ किया है कि लोन रिकवरी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैतिकता लाने के लिए मौजूदा नियमों को और कड़ा किया जाएगा। अक्सर शिकायतें आती हैं कि रिकवरी एजेंट ग्राहकों को देर रात फोन करते हैं, उनके रिश्तेदारों को परेशान करते हैं या घर आकर बदतमीजी करते हैं। नए नियमों के तहत बैंक अब इन एजेंटों की हरकतों के लिए सीधे जिम्मेदार होंगे। अगर कोई एजेंट नियमों का उल्लंघन करता है, तो बैंक पर भारी जुर्माना लग सकता है। अब जबरदस्ती नहीं बेच पाएंगे इंश्योरेंस जब कोई ग्राहक बैंक में एफडी कराने या लोन लेने जाता है, तो बैंक कर्मचारी उसे लुभावने वादे करके कोई इंश्योरेंस पॉलिसी या इन्वेस्टमेंट प्लान बेच देते हैं। बाद में पता चलता है कि वह प्रोडक्ट ग्राहक के लिए फायदेमंद ही नहीं था। इसे ही मिस-सेलिंग कहते हैं। आरबीआईअब इसके लिए सख्त गाइडलाइंस तय कर रहा है। बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे ग्राहकों को वही प्रोडक्ट बेचें जो उनकी जरूरत और रिस्क लेने की क्षमता के अनुसार हो। डिजिटल फ्रॉड पर 25,000 तक का मुआवजा रिजर्व बैंक ने एक नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को 25 हजार तक का मुआवजा दिया जाएगा। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा- आप सभी जानते हैं कि हाल के दिनों में कई धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिन्हें रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाए हैं। इसी सिलसिले में हम डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर एक डिस्कशन पेपर भी जारी करने वाले हैं। इन उपायों में क्रेडिट लिमिट की लेयरिंग और बुजुर्गों जैसे खास तरह के यूजर्स के लिए एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन (सुरक्षा की अतिरिक्त जांच) शामिल हो सकते हैं। आरबीआई ने महंगाई अनुमान बढ़ाया आरबीआई के मुताबिक महंगाई को लेकर स्थिति फिलहाल राहत भरी है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्त वर्ष 2026 के लिए रिटेल महंगाई दर के अनुमान को 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.1 प्रतिशत कर दिया है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि हालांकि थोड़े समय के लिए कीमतों में थोड़ी तेजी आ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर महंगाई आरबीआई के तय दायरे के भीतर ही रहेगी। मल्होत्रा ने इस बात पर भी जोर दिया कि महंगाई का दबाव फिलहाल कम है। सिर्फ कीमती धातुओं के मामले में थोड़ा असर दिख रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर इनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बाकी ज्यादातर चीजों के लिए कीमतें काबू में है। आगे की योजना को लेकर उन्होंने कहा कि अप्रैल में आने वाले अगले पॉलिसी स्टेटमेंट में आरबीआई पूरे साल के लिए सीपीआई महंगाई दर का अनुमान पेश करेगा। तब तक नई सीरीज के तहत और अधिक डेटा भी उपलब्ध हो जाएगा। जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि अगले दो दिनों में भारत को जीडीपी और महंगाई दोनों के लिए एक नया बेस ईयर मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है और घरेलू महंगाई और विकास के महंगाई सकारात्मक हैं। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ग्रोथ अनुमान को 7.3 प्रतिशत से संशोधित करके 7.4 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे, साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी। भारत-अमेरिका डील से निर्यात को मजबूती उन्होंने कहा कि बजट 2026 में घोषित कई उपाय विकास के लिए अनुकूल होंगे और सेवाओं के निर्यात में मजबूती बनी रहेगी। इसके अलावा, उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता का भी जिक्र किया और कहा कि इन डील्?स से भारत के निर्यात को मजबूती मिलेगी। रेपो रेट में बदलाव नहीं होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 340 अंक टूटकर 83000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 25500 के नीचे कारोबार कर रही थी। बैंक निफ्टी में भी करीब 300 अंकों की गिरावट देखने को मिली। आज ऑटो, बैंकिंग और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट देखी गई। बीएसई ऑटो इंडेक्स 542 अंक गिरकर 60,803 पर आ गया, जबकि बीएसई बैंकएक्स 158 अंक गिरकर 67,378 पर पहुंच गया। इसी दिन बीएसई रियल्टी इंडेक्स भी 49 अंक गिरकर 6,343 पर आ गया। विनोद उपाध्याय / 06 फरवरी, 2026