- केन्द्रीय बजट में जबलपुर का माहौल नहीं दिखा पत्रकारों के साथ राज्य सभा सांसद विवेक तनखा ने विभिन्न मुददों पर की अनौपचारिक चर्चा जबलपुर (ईएमएस)। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तनखा ने अपने जबलपुर नगर प्रवास के दौरान पत्रकारों से हुई अनौपचारिक चर्चा में जहां केन्द्र सरकार के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी तो वहीं एसआईआर के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शीर्ष अदालत में अपने पक्ष को रखने की सराहना भी की। श्री तन्खा ने चर्चा में माघ स्नान के दौरान प्रयागराज में शंकराचार्य के साथ हुए विवाद पर व हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुए मानहानि मामले में भी अपनी बात रखी। केन्द्र के बजट को सामान्य बताते हुए राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि इस बजट में रोजगार के लिए कुछ नहीं है। विशेष तौर पर युवाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया। उन्होंने इस दौरान कहा कि केन्द्र के बजट में जबलपुर और महाकौशल का कोई माहौल नहीं दिखा| कुल मिलाकर यह बजट नीरस है। एसआईआर पर बात करते हुए श्री तन्खा ने कहा कि इस मामले को लेकर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने जिस तरह सुप्रीमकोर्ट में अपनी बात रखी वह ऐतिहासिक रही। उन्होंने कहा कि ममता जी जमीनी नेता हैं और इस बार पुन: चुनाव में बहुमत हासिल करेंगी| शंकराचार्य के साथ हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद तनखा ने कहा कि शंकराचार्य जी या किसी भी धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार अशोभनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा माँ सबकी हैं और शंकराचार्य जी को रोकना पूरी तरह गलत था। तनखा ने नसीहत देते हुए कहा कि धर्म को कभी भी राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि है। उक्त मुददों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुए मानहानि मामले में उन्होंने स्पष्ट किया कि अपना मुकदमा वे वापस ले चुके हैं और इसके साथ ही लंबे समय से चल रहे इस कानूनी विवाद का अब पटाक्षेप हो चुका है। श्री तनखा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आग्रह और शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा, शिवराज जी से मेरे संबंध मित्र जैसे हैं। मेरा मानना है कि किसी भी विवाद या बात का एक सुखद अंत होना चाहिए। तनखा ने यह भी साझा किया कि संसद में उनकी शिवराज सिंह चौहान से सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई थी, जिसके बाद सकारात्मक चर्चा हुई और उन्होंने मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया। अजय पाठक / मोनिका / 07 फरवरी 2026/ 02.49