07-Feb-2026
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- करोडों के फर्जीवाडे का अनुमान : केवल कागजों पर चल रही फर्मे जबलपुर (ईएमएस)। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी जबलपुर ने शनिवार को कटनी सहित तीन जिलों में टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने वाले कुछ बड़े संस्थानों पर द‎बिश दी है। केंद्रीय जीएसटी आयुक्त लोकेश लिल्हारे के नेतृत्व और निर्देशन में विभाग की एंटी इवेजन टीम ने सीधी, सतना और कटनी जिलों में नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। विभाग को खुफिया जानकारी मिली थी कि इन क्षेत्रों में कई ऐसी फर्में पंजीकृत हैं जो केवल कागजों पर चल रही हैं और इनका उपयोग कोयले की फर्जी बिलिंग कर गलत तरीके से आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। छापामार कार्रवाई के दौरान टीम को कुछ चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। बताया जाता है कि जीएसटी के राडार पर आयी नौ फर्मों में से आठ फर्में अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन यानी गैर-परिचालन की पाई गईं। इन फर्मों का मौके पर कोई नामो-निशान नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इनका गठन केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए किया गया था। जांच में यह बात सामने आई है कि इन फर्मों ने कोयले की खरीद-बिक्री के झूठे बिल तैयार किए। इन फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों की बोगस आईटीसी जनरेट की गई और उसे दूसरी फर्मों को ट्रांसफर कर दिया गया। टीम ने सीधी की श्री बालाजी एसोसिएट, महादेव ट्रेडर्स, मिश्रा ट्रेडिंग, गायत्री एंटरप्राइजेज और आदित्य फिलिंग स्टेशन, कटनी की जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स और कुमार ट्रेडिंग कंपनी और सतना की रिशाल एसोसिएट्स व भव्यंश सेल्स एंड लॉजिस्टिक्स में कार्रवाई की है। विभाग अब इन फर्मों के बैंकिंग ट्रांजेक्शन, जीएसटी रिटर्न और ई-वे बिलों का बारीकी से मिलान कर रहा है ताकि राजस्व हानि का सही आकलन किया जा सके। कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी| इस जांच की आंच कुछ और बड़े व्यापारिक घरानों तक पहुंच सकती है। अजय पाठक / मोनिका / 07 फरवरी 2026