07-Feb-2026
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- डीएलसीसी एवं डीएलआरसी की तिमाही बैठक संपन्न - बैंकों को फरवरी 2026 के अंत तक जीएसएस ऋण लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश कोरबा (ईएमएस) जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की तिमाही बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कलेक्टर ने बैठक में निर्देशित किया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बेरोजगार एवं इच्छुक युवाओं द्वारा प्रस्तुत ऋण-आवेदनों का परीक्षण प्राथमिकता से कर अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत किए जाएँ, ताकि युवा स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले हितग्राहियों के ऋणों की शीघ्र स्वीकृति के निर्देश भी दिए। उक्त बैठक का संचालन एल.डी.एम. कृष्ण भगत द्वारा किया गया, जिन्होंने उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों का स्वागत किया। बैठक में जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, अतिरिक्त कलेक्टर ओंकार यादव, डिप्टी कलेक्टर टी.आर. भारद्वाज, आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो, नाबार्ड के डी.डी.एम. श्री एस.के. प्रधान, महाप्रबंधक विजय कुमार करे, डी.एम.एम. अनुराग जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शासन प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत प्राप्त वार्षिक ऋण लक्ष्यों को फरवरी 2026 के अंत तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए, जिससे युवाओं, किसानों और सूक्ष्म-उद्यमियों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने जिले के आर्थिक विकास में बैंकिंग संस्थाओं की भूमिका को निर्णायक बताते हुए लक्ष्यों की उपलब्धि के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने का आग्रह किया। सभी शाखा प्रबंधकों ने निर्धारित समयावधि में लक्ष्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया। बैठक में पीएमएसबीवाई एवं पीएमजेजेबीवाई योजनाओं के तहत लंबित दावों के त्वरित, पारदर्शी और सहानुभूति पूर्ण निपटान के निर्देश दिए गए, ताकि दिवंगत हितग्राहियों के परिजनों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आरबीआई एलडीओ अविनाश कुमार टोप्पो ने आगामी फाइनेंशियल लिटरेसी वीक के प्रभावी आयोजन पर विस्तृत जानकारी देते हुए जिले के प्रत्येक नागरिक को वित्तीय साक्षरता से जोड़ने हेतु बैंकों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। नाबार्ड के डी.डी.एम. श्री प्रधान ने प्राथमिकता क्षेत्र ऋण, विशेषकर कृषि संबंधी गतिविधियों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने किसानों की आय वृद्धि हेतु जिले में किसान उत्पादक संगठन के गठन को बढ़ावा देने की बात कही। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी बैंक पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत अधिकतम संख्या में ऋण स्वीकृत करते हुए समयबद्ध रूप से आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करें। मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभागों ने अपने-अपने क्षेत्रों में केसीसी ऋण वितरण बढ़ाने का अनुरोध बैंकों से किया। अंत में कलेक्टर श्री दुदावत ने कोरबा को अस्पिरेशनल जिला बताते हुए कहा कि जिले के समग्र विकास में बैंकिंग क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने सभी बैंकों से सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हेतु समर्पित भाव से कार्य करने का आग्रह किया, ताकि कोरबा जिले को उत्कृष्ट उपलब्धियों की दिशा में अग्रसर किया जा सके। 07 फरवरी / मित्तल