- सतत भविष्य और पर्यावरण संरक्षण पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार - ग्रीन केमिस्ट्री के 12 सिद्धांतों से लेकर बायोप्लास्टिक तक पर चर्चा बिलासपुर (ईएमएस)। शासकीय ई.आर.आर. स्नातकोत्तर विज्ञान महाविद्यालय (साइंस कॉलेज), बिलासपुर के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा ग्रीन केमिस्ट्री द्वारा सतत भविष्य विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण अनुकूल विज्ञान, सतत विकास एवं आधुनिक रासायनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यशाला के प्रथम दिवस शुभारंभ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। उद्घाटन सत्र में कुलपति ने ग्रीन केमिस्ट्री के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रकृति के अनुकूल बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्रीन केमिस्ट्री को व्यवहार में अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। ग्रीन सॉल्वेंट एवं जल के उपयोग पर चर्चा प्रथम दिवस प्रो. शैलेन्द्र यादव, डॉ. धीरज सिंह चौहान एवं डॉ. भावना जैन द्वारा ग्रीन केमिस्ट्री के 12 सिद्धांत, बायोप्लास्टिक तथा पर्यावरण संरक्षण विषय पर व्याख्यान दिए गए। वक्ताओं ने जैव-अपघटनीय पदार्थों के उपयोग एवं प्रदूषण रहित तकनीकों की आवश्यकता पर जोर दिया। द्वितीय दिवस प्रो. सुभाष बनर्जी ने ग्रीन सॉल्वेंट एवं जल के उपयोग पर, डॉ. जय सिंह ने इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप पर तथा डॉ. श्याम बंजारे ने ऑर्गेनिक मटेरियल एवं रेडिकल विषय पर जानकारी दी। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 08 फरवरी 2026