-न्यूक्लियर बातचीत में नहीं झुका ईरान, ट्रंप ने किया नए प्रतिबंधों का ऐलान तेहरान,(ईएमएस)। ईरान-अमेरिका के बीच टेंशन चरम पर पहुंच गई जब न्यूक्लियर बातचीत के खत्म होते ही ट्रंप ने ईरान के तेल पर नए प्रतिबंधों का ऐलान कर दिया। इससे साफ है कि ईरान ने अमेरिका के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ट्रंप के तेवरों के देखते हुए ईरान अपने हथियार लेकर पूरी तैयारी के साथ खड़ा है। इस बीच खामेनेई की एक खतरनाक मिसाइल फतह-1 सुर्खियों में आ गई है, जिसे लेकर ईरान ने दावा किया कि ये 6 मिनट में दुश्मन का काम तमाम कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक मिसाइलों की दुनिया में ईरान की ‘फतह-1’ इस वक्त सबसे बड़ा चर्चा का विषय बनी हुई है। फरवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी इस ताकतवर मिसाइल को ‘अंडरग्राउंड मिसाइल सिटीज’ में तैनात कर दिया है। यह सिर्फ एक हथियार नहीं, बल्कि अमेरिका और इजराइल के लिए सीधा और खतरनाक संदेश है। ईरान का दावा है कि उसकी यह मिसाइल लॉन्च होने के महज 6 से 7 मिनट में इजराइल के किसी भी कोने को तबाह कर सकती है। इजराइल और ईरान के बीच करीब 2000 किमी की दूरी है और ये मिसाइल इतनी दूर तक के टारगेट को नेस्तानाबूत कर सकती है यानी मिडिल ईस्ट में करीब उन सभी जगहों पर पहुंच सकती है, जहां पर अमेरिका ने मिलिट्री बेस बना रखे हैं। ये मिसाइल अक्टूबर 2024 में भी इजराइल पर दागी जा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मिसाइल की स्पीड को ईरान ने बड़े-बड़े बैनर के साथ प्रमोट किया था, जिसमें लिखा था ‘तेल अवीव के लिए 400 सेकेंड’। ईरान ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उस पर हमला किया, तो खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने उसके निशाने पर होंगे। कतर का अल-उदेद एयर बेस, जो अमेरिका का सबसे बड़ा ठिकाना है, इस मिसाइल की जद में है। 2026 की सामरिक रिपोर्टों के मुताबिक ईरान अब ‘डिफेंस’ से हटकर ‘ऑफेंस’ की नीति अपना चुका है, जिसे उसने ‘एक्टिव डिटरेंस’ का नाम दिया है। जून 2025 में इजराइल और ईरान के बीच हुए 12-दिन चले युद्ध के बाद से हालात और भी बिगड़ गए हैं। फरवरी 2026 की ओमान बातचीत में जहां अमेरिका परमाणु समझौते पर ज़ोर दे रहा है, वहीं ईरान का कहना है कि उसका ‘मिसाइल प्रोग्राम’ उसकी संप्रभुता का हिस्सा है और इस पर कोई समझौता नहीं करेगा। सिराज/ईएमएस 08फरवरी26 ----------------------------------