08-Feb-2026
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- थाने में रहेंगे प्रश्नपत्र, 60 मिनट पहले निकलेगा बंडल भोपाल (ईएमएस)। इस बार मप्र के सरकारी स्कूलों की नौवीं व 11वीं की वार्षिक परीक्षाओं के संचालन से लेकर मूल्यांकन में कई एहतियात बरती जा रहे हैं। परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर ली जाएंगी। इन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा की तरह ही थानों में रखे गए हैं। साथ ही मूल्यांकन भी माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की अंक योजना के आधार पर बोर्ड परीक्षा की तरह की जाएगी। इसके अलावा इस बार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन विकासखंड स्तर पर उपकेंद्रों पर कराएं जाएंगे। इन कक्षाओं की परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र मध्य प्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा तैयार किए गए हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारी और केंद्राध्यक्षों के माध्यम से स्कूलों में प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जो परीक्षा के दिन ही केंद्राध्यक्ष की निगरानी में प्रश्नपत्र परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएं जाएंगे। पुलिस थाने से 60 मिनट पहले प्रश्नपत्रों का बंडल निकाला जाएगा। विद्यार्थियों को पांच मिनट पहले प्रश्नपत्र वितरित किया जाएगा। बता दें, कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की नौवीं व 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं 23 फरवरी से शुरू होंगी, जो 17 मार्च तक चलेंगी। इस बार 23 मार्च तक मूल्यांकन कार्य पूरे होंगे और रिजल्ट भी जल्द घोषित किए जाएंगे। बता दें, कि प्रदेश भी में दोनों कक्षाओं में करीब 20 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। आधे घंटे पहले पहुंचना होगा केंद्र जहां नौवीं की परीक्षा दो मार्च से 17 माार्च तक दोपहर 1.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक होंगी। वहीं 11वीं की परीक्षा 23 फरवरी से 17 मार्च तक दोपहर 1.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक संचालित होंगी। विद्यार्थियों को समय से आधा घंटे पहले परीक्षा कक्ष में पहुंचना होगा। चार सेट में तैयार किए पेपर बोर्ड परीक्षा की तरह मंडल की अंक योजना के तहत नौवीं व 11वीं के सभी विषयों के प्रश्नपत्र चार सेट में तैयार किए गए हैं। इसके अंतर्गत चार भाग ए, बी, सी और डी शामिल हैं। सभी विद्यार्थियों को रोटेशन के क्रम में प्रश्न पत्र वितरित किए जाएंगे। मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगेगी नौवीं व 11वीं के परीक्षा कार्य से 10वीं व 12वीं के मूल्यांकन में लगे शिक्षकों को मुक्त रखा जाएगा। नौवीं व 11वीं की परीक्षा के पर्यवेक्षण कार्य में प्राथमिक या माध्यमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मूल्यांकन के लिए उत्कृष्ट विद्यालय बनेंगे समन्वयक केंद्र इस बार हर जिले के उत्कृष्ट विद्यालयों को मूल्यांकन के लिए समन्वयक केंद्र बनाया गया है।परीक्षा के बाद केंद्राध्यक्ष उत्कृष्ट विद्यालय में उत्तरपुस्तिकाओं को अपनी निगरानी में जमा कराएंगे। वहां के प्राचार्य एक-दूसरे स्कूल को उत्तरपुस्तिकाएं मूल्यांकन के लिए देंगे। विनोद / 08 फरवरी 26